नशे पर सख्ती की तैयारी: हर स्कूल-कॉलेज में बनेगी एंटी ड्रग कमेटी

देहरादून। उत्तराखण्ड सचिवालय सभागार में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में “नशामुक्त उत्तराखण्ड–नशामुक्त भारत अभियान” के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में शैक्षणिक एवं तकनीकी संस्थानों, सिविल सोसायटी संगठनों, गैर-सरकारी संस्थाओं, कॉलेजों तथा युवा-केंद्रित प्रशिक्षण प्रदाता संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

सामूहिक भागीदारी से ही सफल होगा अभियान

मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि नशामुक्ति का रोडमैप केवल सरकारी प्रयासों से सफल नहीं हो सकता। समाज, शिक्षण संस्थानों, अभिभावकों और सिविल सोसायटी की सक्रिय भागीदारी के बिना इस सामाजिक बुराई का उन्मूलन संभव नहीं है। उन्होंने युवाओं को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए कहा कि “विकसित भारत” के निर्माण में उनकी सकारात्मक भूमिका सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

सजग इंडिया ने साझा किया 15 वर्षों का अनुभव

प्रदेश के स्कूलों में नशामुक्त अभियान चला रही संस्था सजग इंडिया ने भी कार्यशाला में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। संस्था के अध्यक्ष एवं शिक्षाविद ललित जोशी ने बताया कि पिछले 15 वर्षों से “युवा संवाद कार्यक्रम” के माध्यम से विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

हर स्कूल और कॉलेज में एंटी ड्रग्स कमेटी का सुझाव

ललित जोशी ने कार्यशाला में कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे—

  • प्रत्येक स्कूल में 8–10 स्वयंसेवकों की एंटी ड्रग्स कमेटी गठित की जाए।
  • स्कूल और कॉलेजों में एक मनोवैज्ञानिक (Psychologist) तथा एक काउंसलर की नियुक्ति अनिवार्य की जाए।
  • विद्यार्थियों की नियमित काउंसलिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि वे तनाव से निपटने के लिए नशे का सहारा न लें और सकारात्मक विकल्प अपनाएं।

उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ समाज के सभी लोगों को आगे आना होगा, तभी यह अभियान जमीनी स्तर पर प्रभावी हो पाएगा।

पुलिस और एसटीएफ के साथ समन्वय पर बल

कार्यशाला में शिक्षण संस्थानों और उत्तराखण्ड पुलिस के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया। साथ ही स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) उत्तराखण्ड के साथ मिलकर हॉस्टल एवं पीजी आवासों पर निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई, ताकि युवाओं को नशे के जाल में फंसने से रोका जा सके।

परिवार और समाज की भूमिका अहम

ललित जोशी ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों के साथ खुला संवाद बनाए रखें और उनकी दिनचर्या व मित्र मंडली पर सजग दृष्टि रखें। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।

ओटीटी और सोशल मीडिया सामग्री पर चिंता

बैठक में ओटीटी प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर प्रसारित आपत्तिजनक व भ्रामक सामग्रियों पर भी चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने कहा कि किशोरों पर नकारात्मक प्रभाव डालने वाली सामग्री पर प्रभावी नियंत्रण और जागरूकता आवश्यक है।

वृहद जन-जागरूकता अभियान की घोषणा

सजग इंडिया ने घोषणा की कि वह शीघ्र ही उत्तराखण्ड पुलिस, एसटीएफ और अन्य सामाजिक संगठनों के सहयोग से प्रदेशभर में वृहद स्तर पर नशा विरोधी जन-जागरूकता अभियान प्रारंभ करेगी।

इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक नीलेश आनंद भरणे, विशेष सचिव निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून प्रमेंद्र डोबाल सहित संबंधित अधिकारी एवं विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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