चारधाम जाने वालों के लिए खुशखबरी: जल्द खुलेंगी हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग

देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा 2026 से पहले हेली शटल सेवाओं को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूसीएडीए) की ओर से हेली सेवाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इस वर्ष श्रद्धालुओं को सुविधा देने के लिए लगभग 8 से 9 हेलीकॉप्टर कंपनियां चारधाम यात्रा के दौरान अपनी सेवाएं प्रदान करेंगी।

IRCTC पोर्टल से होगी ऑनलाइन बुकिंग

चारधाम यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवाओं की ऑनलाइन बुकिंग भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) के सहयोग से संचालित की जाएगी। इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट heliyatra.irctc.co.in पर टिकट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही टिकट बुक करें, ताकि फर्जी एजेंटों और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके और श्रद्धालुओं को पारदर्शी व्यवस्था के तहत टिकट मिल सके।

19 अप्रैल से शुरू होगी चारधाम यात्रा

इस वर्ष चारधाम यात्रा 19 अप्रैल 2026 से शुरू हो रही है। यात्रा के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए उत्तराखंड पहुंचते हैं।

विशेष रूप से बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए हेली सेवाएं यात्रा को आसान और सुगम बनाती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत किया गया है।

शिकायतों के लिए बनाया गया कंट्रोल रूम

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूसीएडीए) ने यात्रियों की सुविधा के लिए एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है, जहां हेली टिकट बुकिंग से जुड़ी शिकायतों का समाधान किया जाएगा।

क्या बोले यूकाडा के सीईओ

यूसीएडीए के सीईओ डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि हेली शटल सेवाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान करीब 8 से 9 कंपनियां हेली सेवाएं संचालित करेंगी

उन्होंने कहा कि यात्रियों को हेलीकॉप्टर सेवा के टिकट केवल IRCTC के आधिकारिक पोर्टल heliyatra.irctc.co.in के माध्यम से ही बुक करने चाहिए।

उन्होंने यह भी बताया कि टिकट बुकिंग से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए यूसीएडीए का कंट्रोल रूम सक्रिय रहेगा, वहीं यात्री IRCTC कस्टमर केयर से भी सीधे संपर्क कर सकते हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!