देहरादून। गुरु की नगरी देहरादून इन दिनों श्रद्धा, आस्था और भक्ति के रंगों में सराबोर है। प्रेम, सद्भावना और भाईचारे का प्रतीक ऐतिहासिक श्री झंडा जी मेला इस वर्ष भी पूरे भव्य और दिव्य स्वरूप में आयोजित हो रहा है। दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज परिसर में देश-विदेश से पहुंच रही संगतों की भारी भीड़ उमड़ रही है और चारों ओर जयकारों, सेवा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज वह पावन स्थल है जहाँ आने वाली संगतों और श्रद्धालुओं की मन्नतें और मुरादें पूरी होती हैं। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस अवसर की प्रतीक्षा करते हैं और इस बार भी बड़ी संख्या में संगतें देहरादून पहुंच चुकी हैं। नगरवासियों द्वारा गुरु की प्यारी संगतों का पूरे सम्मान और आदर-सत्कार के साथ स्वागत किया जा रहा है।
रविवार सुबह 7 बजे से शुरू होगी पूजा प्रक्रिया
मेला आयोजन समिति के अनुसार रविवार को सुबह 7:00 बजे से श्री झंडे जी को उतारने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। इसके बाद संगतों द्वारा दूध, दही, घी, मक्खन, गंगाजल और पंचगव्य से पवित्र ध्वजदण्ड का स्नान कराया जाएगा।
वैदिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना और अरदास के बाद सुबह 10 बजे से श्री झंडे जी पर गिलाफ चढ़ाने का कार्य शुरू होगा।
दोपहर 2:00 बजे से 4:00 बजे के बीच श्री झंडे जी का विधिवत आरोहण किया जाएगा, जो मेले का मुख्य आकर्षण होता है।
गुरु मंत्र पाकर भावविभोर हुई संगत
श्री झंडा जी मेले की पूर्व संध्या पर शनिवार को दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज के सज्जादे गद्दीनशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने संगतों को गुरु मंत्र प्रदान किया। गुरु मंत्र प्राप्त कर संगतें भावविभोर हो उठीं और स्वयं को धन्य-धन्य मानने लगीं।
श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने गुरु महिमा का महत्व बताते हुए कहा कि जिस प्रकार सूर्य की किरणें सभी को समान रूप से प्रकाश और ऊष्मा देती हैं, उसी प्रकार आध्यात्मिक गुरु भी अपनी कृपा और करुणा सभी पर समान रूप से बरसाते हैं। गुरु वह हैं जो हमारे अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं।
10 मार्च को निकलेगी ऐतिहासिक नगर परिक्रमा
मेला आयोजन समिति के अनुसार 10 मार्च 2026 को ऐतिहासिक नगर परिक्रमा आयोजित की जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में संगतें और श्रद्धालु शामिल होंगे।
श्री झंडा जी मेले का ऐतिहासिक महत्व
सिखों के सातवें गुरु श्री गुरु हर राय जी के बड़े पुत्र श्री गुरु राम राय जी महाराज का जन्म वर्ष 1646 में पंजाब के होशियारपुर जिले के कीरतपुर में हुआ था। बाद में उन्होंने देहरादून को अपनी तपस्थली बनाया।
उन्होंने श्री दरबार साहिब में लोक-कल्याण के संदेश के साथ एक विशाल ध्वजदण्ड स्थापित किया और श्रद्धालुओं को ध्वज के माध्यम से आशीर्वाद प्राप्त करने की प्रेरणा दी। परंपरा के अनुसार हर वर्ष होली के पाँचवें दिन चैत्रवदी पंचमी को श्री गुरु राम राय जी महाराज के जन्मदिवस के अवसर पर ऐतिहासिक श्री झंडा जी मेला आयोजित किया जाता है।
एलईडी स्क्रीन और सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण
मेले में आने वाली भारी भीड़ को देखते हुए आयोजन समिति द्वारा श्री दरबार साहिब परिसर में पांच एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं, जिन पर मेले की सभी प्रमुख धार्मिक गतिविधियों का सीधा प्रसारण किया जाएगा। इसके अलावा फेसबुक और यूट्यूब पर भी मेले का लाइव प्रसारण किया जाएगा।
मेले में स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की डॉक्टरों की टीम मेला स्थल पर तैनात है। परिसर में मेला अस्पताल भी संचालित किया जा रहा है, जहाँ श्रद्धालुओं को निःशुल्क दवाइयाँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध है।
इसके साथ ही 06, 07 और 09 मार्च 2026 को तीन दिवसीय स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। अब तक शिविर में लगभग 150 यूनिट रक्तदान किया जा चुका है।
गुरु भक्ति में डूबी संगत
शनिवार को पूरे दिन दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज परिसर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत वातावरण बना रहा। संगतों ने गुरु भजन और शबद का सिमरन किया तथा ढोल की थाप पर भक्ति और उल्लास के साथ नृत्य भी किया। पूरा परिसर धर्म, अध्यात्म, सेवा और भक्ति के वातावरण से गुंजायमान रहा।













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