महिला की बाघ के हमले में मौत, गांव में दहशत का माहौल
जयहरीखाल ब्लॉक के सिरोबाड़ी गांव में 60 वर्षीय उर्मिला देवी पर बाघ ने हमला कर उन्हें घसीटते हुए जंगल की ओर ले गया। उनकी बहू प्रिया के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बाघ घटना स्थल से भाग चुका था।
फॉरेस्ट टीम और पुलिस ने महिला के शव को बरामद कर शाम को घर पहुंचाया। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन की लापरवाही पर कड़ा रोष जताया।
विधायक दिलीप रावत का फूटा गुस्सा — “11 साल से सड़क की मांग, कोई सुनवाई नहीं”
घटना की जानकारी मिलते ही लैंसडाउन के विधायक दिलीप रावत पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने कहा कि:
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इलाके में लगातार वन्यजीव हमले हो रहे हैं
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न तो सड़क का निर्माण हो रहा है
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न ही ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम उठाए गए हैं
रावत ने बताया कि जिस गांव में घटना हुई, वहां पुल तो बन गया है, लेकिन उसे जोड़ने वाली सड़क पिछले दस वर्षों से अधर में लटकी है, जिससे ग्रामीणों को मजबूरी में जंगल के रास्तों से गुजरना पड़ता है।
“यदि सरकार ने वन अधिनियम में सुधार नहीं किए तो मैं इस्तीफा दे दूंगा” – विधायक
विधायक रावत ने कहा कि:
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बाघ को पकड़ने या शूट करने जैसी निर्णायक कार्रवाई अब आवश्यक है
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सरकार को उत्तराखंड की परिस्थितियों के अनुरूप वन अधिनियम में शिथिलता लानी चाहिए
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क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था लागू करनी होगी
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और 11 साल से लंबित सड़क निर्माण को तुरंत पूरा करना होगा
उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर उनकी आवाज़ लगातार अनसुनी की गई,
“तो इस्तीफा देना ही मेरा अंतिम कदम होगा।”
ग्रामीणों में आक्रोश — ‘वन विभाग सिर्फ घटना के बाद आता है’
ग्रामीणों का कहना है कि:
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वन विभाग घटना के बाद ही सक्रिय होता है
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रोकथाम और सुरक्षा के लिए अभी तक कोई स्थायी व्यवस्था नहीं
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महिलाएं और बच्चे रोजाना खतरे में
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आने-जाने के लिए सुरक्षित सड़क तक उपलब्ध नहीं
स्थानीय लोग अब तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
रामनगर में भी गुलदार का हमला, युवक घायल
इधर, रामनगर के पतरामपुर रेंज में गुलदार ने एक युवक पर हमला कर दिया।
वन विभाग टीम ने घायल को जसपुर अस्पताल पहुंचाया और प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया।
लगातार हो रहे इन हमलों ने पहाड़ी जिलों में मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा और बढ़ा दिया है।
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