छात्राओं के लिए SGRRU का ‘हेल्थ मंत्र’, डॉक्टरों ने बताए सेहत के सीक्रेट टिप्स

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (SGRRU) में छात्राओं के समग्र स्वास्थ्य, मानसिक सशक्तिकरण और स्वस्थ जीवनशैली को लेकर एक दिवसीय काउंसलिंग एवं मोटिवेशनल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के IQAC Cell के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने छात्र-छात्राओं से स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को महिला स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, त्वचा की देखभाल, पोषण और योग के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। विशेषज्ञों ने छात्राओं की स्वास्थ्य संबंधी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देने की सलाह दी।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ

मंगलवार को श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. लोकेश गंभीर, कुलसचिव, एसजीआरआरयू, डॉ. यामिनी कंसल, वरिष्ठ गाइनी कैंसर विशेषज्ञ, डॉ. नीनू कौल, त्वचा एवं यौन रोग विशेषज्ञ, डॉ. मालविका कांडपाल, डीन स्टूडेंट वेलफेयर तथा डॉ. सोनिया गंभीर, डायरेक्टर IQAC ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

महिला स्वास्थ्य को लेकर विशेषज्ञ ने किया जागरूक

मेडिकल सत्र में वरिष्ठ गाइनी कैंसर विशेषज्ञ डॉ. यामिनी कंसल ने महिला स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को सामान्य स्त्री रोग संबंधी समस्याओं, मासिक धर्म में अनियमितता, एनीमिया, पोषण, स्वस्थ जीवनशैली और HPV Vaccination के महत्व के बारे में जागरूक किया।

उन्होंने कहा कि किशोरावस्था और युवावस्था में शरीर में होने वाले हार्मोनल एवं शारीरिक बदलावों को समझना बेहद जरूरी है। समय रहते स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान और उचित चिकित्सकीय सलाह से कई परेशानियों से बचा जा सकता है।

किशोरावस्था की त्वचा और स्किन केयर पर दिए टिप्स

त्वचा एवं यौन रोग विशेषज्ञ डॉ. नीनू कौल ने “किशोरावस्था की त्वचा: सामान्य समस्याएं एवं सौंदर्य संबंधी चुनौतियां” विषय पर छात्र-छात्राओं से संवाद किया।

उन्होंने बताया कि किशोरावस्था में हार्मोनल बदलाव के कारण मुंहासे (Acne), तैलीय त्वचा और अन्य Skin Problems आम हो सकती हैं। उन्होंने त्वचा की स्वच्छता, संतुलित आहार और उचित Skin Care Routine अपनाने के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि स्वस्थ त्वचा के लिए केवल बाहरी सौंदर्य ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि शरीर का आंतरिक स्वास्थ्य भी त्वचा पर प्रभाव डालता है।

‘किशोर मन को समझना’ विषय पर मानसिक स्वास्थ्य की चर्चा

मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. शिवांजली गुप्ता ने “किशोर मन को समझना” विषय पर युवाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था और युवावस्था में पढ़ाई, करियर, रिश्तों, सामाजिक अपेक्षाओं और भविष्य को लेकर तनाव बढ़ सकता है।

उन्होंने Depression, Anxiety, Emotional Stress और Eating Disorders जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के संकेतों को समय रहते पहचानने की जरूरत बताई। उन्होंने आत्महत्या के बढ़ते मामलों को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि मानसिक परेशानी से जूझ रहे व्यक्ति को अकेला छोड़ने के बजाय उसकी बात सुनना, भावनात्मक सहयोग देना और जरूरत पड़ने पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की मदद लेना बेहद जरूरी है।

संतुलित खानपान से बेहतर स्वास्थ्य का संदेश

डायटीशियन सोनम ने छात्राओं को स्वस्थ एवं संतुलित खानपान के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि युवावस्था में शरीर को पर्याप्त Protein, Iron, Vitamins, Minerals और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों की जरूरत होती है।

उन्होंने अनियमित खानपान, भोजन छोड़ने और जंक फूड के अत्यधिक सेवन से बचने की सलाह दी। साथ ही स्थानीय एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करने, पर्याप्त पानी पीने और संतुलित डाइट अपनाने पर जोर दिया।

योग और प्राणायाम से तनाव कम करने के बताए तरीके

योग विशेषज्ञ डॉ. हिमानी नौटियाल ने योग एवं प्राणायाम को स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने छात्राओं को नियमित योगाभ्यास के जरिए Stress Management, Concentration और Physical Fitness बेहतर करने के टिप्स दिए।

सैकड़ों छात्राओं ने लिया कार्यक्रम में हिस्सा

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने छात्र-छात्राओं के साथ सीधे संवाद किया और स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। कार्यक्रम में श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय की सैकड़ों छात्राओं ने प्रतिभाग किया

कार्यक्रम का मंच संचालन मिस सिमरन अग्रवाल ने किया, जबकि समन्वय मिस आयुषी आहलूवालिया ने किया।

स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने वाला यह कार्यक्रम छात्राओं के लिए स्वास्थ्य जागरूकता और आत्म-सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा।

 

 

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