पर्वतीय राजनीति को गहरा आघात, नहीं रहे पूर्व विधायक राजेश जुवान्ठा

उत्तरकाशी,  उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद अंतर्गत पुरोला विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक श्री राजेश जुवान्ठा के निधन की खबर से पूरे पर्वतीय अंचल में शोक की लहर दौड़ गई है। अल्प आयु में हुए उनके असामयिक निधन को क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय राजनीतिक और सामाजिक क्षति माना जा रहा है।

राजेश जुवान्ठा, उत्तराखंड के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व पर्वतीय विकास मंत्री स्वर्गीय श्री बर्फियालाल जुवान्ठा के सुपुत्र थे। उन्होंने वर्ष 2007 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में पुरोला (आरक्षित) सीट से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज कर इतिहास रचा था। उस समय वे राज्य के सबसे कम उम्र के विधायक बने थे।

युवा नेतृत्व के रूप में बनाई अलग पहचान

अपने कार्यकाल के दौरान श्री जुवान्ठा ने पर्वतीय विकास, स्थानीय समस्याओं और आमजन से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से विधानसभा में उठाया। उनकी पहचान एक ऊर्जावान, संवेदनशील और ज़मीनी नेता के रूप में रही, जिसने युवाओं में राजनीति के प्रति नई उम्मीद जगाई।

दल बदला, लेकिन जनसेवा की छवि बरकरार

बाद के वर्षों में बदली राजनीतिक परिस्थितियों के बीच उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थामा, लेकिन दलगत राजनीति से ऊपर उठकर क्षेत्रवासियों के दिलों में उनकी छवि हमेशा एक समर्पित जनसेवक की बनी रही।

नेताओं और क्षेत्रवासियों ने जताया शोक

उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों, समर्थकों और क्षेत्रीय जनता ने गहरा शोक व्यक्त किया है। हर वर्ग से शोक संदेश आ रहे हैं, वहीं उत्तरकाशी जिले सहित पूरे उत्तराखंड में शोक का माहौल है।

ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति दें।

 

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