महिला की जान लेने वाला गुलदार आखिरकार पिंजरे में, नैनीताल के पहाड़ों में खत्म हुआ खौफ का साया

नैनीताल (कमल जगाती)।
उत्तराखंड के नैनीताल जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में ग्रामीणों के लिए आतंक का पर्याय बन चुका हमलावर गुलदार आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद कर लिया गया है। महिला पर जानलेवा हमला कर इलाके में खौफ फैलाने वाला यह गुलदार बीते कई दिनों से वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था।

26 दिसंबर को हुई थी दर्दनाक घटना

नैनीताल जिले के धारी ब्लॉक के दीनी तल्ली गांव में 26 दिसंबर 2025 को गुलदार ने एक महिला पर अचानक हमला कर दिया था। स्थानीय निवासी गोपाल बरगली की पत्नी हेमा बरगली इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गुलदार, हेमा को घसीटते हुए जंगल की ओर ले गया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर गुलदार महिला को छोड़कर भाग गया, लेकिन तब तक हेमा बरगली की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।

घटना के बाद उबाल पर थे ग्रामीण

महिला की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था। ग्रामीणों ने गुलदार को पकड़ने की मांग को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन और आंदोलन किया। लोगों में भय का माहौल था और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो गई थी।

वन विभाग का बड़ा ऑपरेशन

घटना के बाद वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया।
हमलावर गुलदार को पकड़ने के लिए:

  • 8 से 10 पिंजरे लगाए गए
  • 50 से अधिक कैमरा ट्रैप लगाए गए
  • टीमों ने दिन-रात गश्त की
  • गुलदार के संभावित मूवमेंट वाले क्षेत्रों की निगरानी की गई

लगातार प्रयासों के बाद आज तड़के पहड़पनी क्षेत्र में गुलदार पिंजरे में फंस गया

रानीबाग रेस्क्यू सेंटर भेजा जाएगा गुलदार

इस संबंध में एस.डी.ओ. ममता चंद ने पुष्टि करते हुए बताया कि गुलदार को सुरक्षित रूप से रैस्क्यू कर लिया गया है।
उन्होंने कहा कि गुलदार को रानीबाग रेस्क्यू सेंटर भेजा जाएगा, जहां उसके सभी आवश्यक और संभावित टेस्ट व जांच की जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वही गुलदार हमले में शामिल था या नहीं।

ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

गुलदार के पकड़े जाने के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। लंबे समय से दहशत में जी रहे लोगों को अब सामान्य जीवन लौटने की उम्मीद जगी है।

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