न्यायिक सेवा में एक और सशक्त नाम शामिल, हाईकोर्ट को मिला नया जज

नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय को एक और न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह मिले हैं। मुख्य न्यायाधीश जे. नरेंद्र ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायालय कक्ष में आयोजित समारोह के दौरान उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उच्च न्यायालय के सभी न्यायाधीश मौजूद रहे।

शपथ ग्रहण से पूर्व रजिस्ट्रार जनरल योगेश कुमार गुप्ता ने राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के अधिसूचना पत्र को पढ़कर सुनाया। इसके साथ ही राज्यपाल द्वारा मुख्य न्यायाधीश को भेजे गए पत्र का भी वाचन किया गया। इसके बाद अधिवक्ता सिद्धार्थ साह को आमंत्रित कर विधिवत रूप से शपथ दिलाई गई और आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए। इसके उपरांत शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण घोषित की गई।

नैनीताल से न्यायपीठ तक का सफर

न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह मूल रूप से नैनीताल निवासी हैं। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा सेंट जोसेफ कॉलेज, नैनीताल से प्राप्त की। इसके बाद बिड़ला विद्या मंदिर, नैनीताल से इंटरमीडिएट किया। स्नातक की पढ़ाई के लिए वे दिल्ली के करोरीमल कॉलेज गए। विधि की शिक्षा उन्होंने अल्मोड़ा लॉ कॉलेज से प्राप्त की और इसके पश्चात उत्तराखंड उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में प्रैक्टिस शुरू की।

समारोह में कई गणमान्य रहे उपस्थित

इस अवसर पर वरिष्ठ न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी, न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी, आलोक वर्मा, राकेश थपलियाल, पंकज पुरोहित, आशीष नैथानी, आलोक मेहरा और सुभाष उपाध्याय सहित कई न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा सदस्य सचिव प्रदीपमणि त्रिपाठी, रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल धर्मेंद्र सिंह अधिकारी, रजिस्ट्रार प्रोटोकॉल राहुल कुमार श्रीवास्तव भी समारोह का हिस्सा रहे।

न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह के परिवारजनों में उनकी धर्मपत्नी दीप्ति, बेटियां वर्शिता और अश्ले, पिता महेश लाल साह सहित अन्य परिजन मौजूद रहे। साथ ही महाधिवक्ता एस.एन. बाबुलकर, मुख्य स्थायी अधिवक्ता चंद्रशेखर सिंह रावत, पूर्व महाधिवक्ता वी.बी.एस. नेगी, वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

बार एसोसिएशन ने जताया हर्ष

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डी.सी.एस. रावत ने न्यायाधीशों की संख्या बढ़ने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे न्याय व्यवस्था के लिए सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने युवा अधिवक्ताओं से न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह के संघर्ष और सफलता से प्रेरणा लेने की अपील की।

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