ईएनटी विभाग की सफलता ने बदली जिला अस्पताल की पहचान

अल्मोड़ा जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं का स्वरूप तेज़ी से बदल रहा है। पंडित हर गोविंद पंत जिला चिकित्सालय, अल्मोड़ा अब केवल एक रेफर सेंटर नहीं रह गया है, बल्कि यहां जटिल से जटिल रोगों का सफल उपचार संभव हो रहा है। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता और चिकित्सकों की पेशेवर प्रतिबद्धता का सीधा लाभ अब आम नागरिकों को मिलने लगा है।

ईएनटी विभाग की बड़ी उपलब्धि, जटिल ऑपरेशन सफल

इसी क्रम में जिला चिकित्सालय के ईएनटी विभाग ने एक और उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। जागेश्वर क्षेत्र के निवासी 18 वर्षीय युवक, जो पिछले लगभग छह वर्षों से कान के पर्दे (Ear Drum) की गंभीर समस्या से पीड़ित था, उसका जिला अस्पताल में दूरबीन विधि (Microscopic Surgery) से सफल ऑपरेशन किया गया।

ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. मोनिका सम्मल द्वारा किए गए इस जटिल ऑपरेशन की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि अब अल्मोड़ा के मरीजों को नाक, कान और गला (ENT Surgery) से संबंधित उपचार के लिए हल्द्वानी या बरेली जैसे बड़े शहरों की ओर रुख करने की आवश्यकता नहीं है।

समय पर उपचार से बच्चे की जान बची

इसी दिन एक और संवेदनशील मामला सामने आया, जब एक छोटे बच्चे की नाक में जोंक फंस गई। स्थिति गंभीर हो सकती थी, लेकिन डॉ. मोनिका सम्मल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जोंक को सुरक्षित रूप से निकाल दिया। समय रहते किए गए इस उपचार से बच्चे को बड़ी परेशानी से राहत मिली और संभावित खतरा टल गया। बच्चे के परिजनों ने डॉक्टर और अस्पताल प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जताया गर्व

इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने जिला चिकित्सालय की सराहना करते हुए कहा कि यह सभी अल्मोड़ा वासियों के लिए गर्व और संतोष की बात है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जिला चिकित्सालय में काबिल, अनुभवी और समर्पित डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि ऐसे उत्कृष्ट और समर्पित कार्य करने वाले चिकित्सकों को शीघ्र ही सम्मानित किया जाएगा, ताकि उनका मनोबल और अधिक बढ़े और वे इसी लगन से जनसेवा करते रहें।

रेफर सेंटर से उपचार केंद्र बनने की ओर जिला अस्पताल

जिला चिकित्सालय अल्मोड़ा में हो रही ये घटनाएं इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि अब यहां आधुनिक सुविधाओं के साथ गंभीर मामलों का भी सफल इलाज संभव हो रहा है। उन्नत चिकित्सा संसाधन, विशेषज्ञ चिकित्सक और सेवा भावना—यही आज बदलते अल्मोड़ा और सशक्त होते स्वास्थ्य तंत्र की पहचान बनते जा रहे हैं।

 

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