बुजुर्ग मां की शिकायत पर डीएम का बड़ा एक्शन: देहरादून से 6 माह के लिए जिला बदर हुआ दिव्यकांत लखेड़ा

देहरादून |   जनपद देहरादून में कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सविन बंसल ने एक सख्त प्रशासनिक कदम उठाया है। जिला प्रशासन ने गूंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत आदतन अपराधी दिव्यकांत लखेड़ा को जिला बदर कर दिया है। यह कार्रवाई स्वयं पीड़ित वृद्ध माता एवं मोहल्लेवासियों की शिकायतों के आधार पर की गई है।

मोहल्ले में भय और हिंसा का माहौल

प्रशासन को प्राप्त शिकायतों और जनसुनवाई के दौरान सामने आए तथ्यों के अनुसार, दिव्यकांत लखेड़ा पुत्र स्व. राम बिहारी लखेड़ा, निवासी लेन ऋषि विहार, माजरी माफी, देहरादून, लंबे समय से क्षेत्र में आतंक का पर्याय बना हुआ था। आरोप है कि वह अपनी वृद्ध माता के साथ लगातार मारपीट करता था, जिससे भयभीत होकर माता को घर छोड़ना पड़ा।

इसके अलावा, मोहल्ले की महिलाओं पर अभद्र टिप्पणियां करना, बुजुर्गों और बहु-बहनों को धमकाना तथा असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर अपने घर को नशे का अड्डा बनाए रखना उसकी नियमित गतिविधियों में शामिल था। इन कृत्यों से क्षेत्र में लगातार अशांति और असुरक्षा का माहौल बना हुआ था।

गूंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा 14 अक्टूबर 2025 को जारी नोटिस की पुष्टि की गई। इसके बाद गूंडा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3(3) के अंतर्गत दिव्यकांत लखेड़ा को “गुंडा” घोषित करते हुए उसे आदेश की तिथि से 06 माह की अवधि के लिए जनपद देहरादून की सीमा से बाहर रहने का आदेश पारित किया गया।

आदेश का उल्लंघन करने पर सख्त सजा

जिला प्रशासन के आदेशानुसार, यदि उक्त अवधि के दौरान दिव्यकांत लखेड़ा किसी भी कारणवश देहरादून जनपद में प्रवेश करता है, तो उसे पूर्व में जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही, जनपद की सीमा से बाहर रहते हुए उसे अपने निवास स्थान का पूर्ण विवरण जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय एवं थानाध्यक्ष, थाना नेहरू कॉलोनी को उपलब्ध कराना होगा।

आदेश के उल्लंघन की स्थिति में आरोपी को न्यूनतम 06 माह से लेकर अधिकतम 03 वर्ष तक के कठोर कारावास एवं जुर्माने से दंडित किए जाने का प्रावधान है।

पुलिस को दिए गए निर्देश

थानाध्यक्ष, थाना नेहरू कॉलोनी को निर्देशित किया गया है कि आदेश की प्रति आरोपी को विधिवत तामील कराते हुए 24 घंटे के भीतर उसे जनपद की सीमा से बाहर भेजना सुनिश्चित करें तथा अनुपालन आख्या जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में प्रस्तुत करें।

जिला प्रशासन का स्पष्ट संदेश

जिला प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि जनपद देहरादून में असामाजिक तत्वों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। नागरिकों की सुरक्षा, महिलाओं के सम्मान और सामाजिक शांति से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। कानून व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

 

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