देहरादून/हरिद्वार। उत्तराखंड के चर्चित हरिद्वार नगर निगम 54 करोड़ रुपये भूमि घोटाले में विजिलेंस ने जांच तेज करते हुए बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद शुक्रवार को विजिलेंस की टीमों ने देहरादून, हरिद्वार (कनखल), लखनऊ, दिल्ली और रुद्रप्रयाग समेत कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई से प्रशासनिक और सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है।
घोटाले से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के ठिकानों पर विजिलेंस की दबिश
सूत्रों के अनुसार, विजिलेंस की टीमें भूमि घोटाले से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों के आवासों व ठिकानों पर तलाशी अभियान चला रही हैं। जांच के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड, डिजिटल डाटा और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई मामले की गहन जांच का हिस्सा है और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज एजेंसियों के कब्जे में आए हैं।
एफआईआर के अगले ही दिन बड़ी कार्रवाई
इससे पहले गुरुवार को विजिलेंस ने हरिद्वार नगर निगम भूमि घोटाले में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। एफआईआर दर्ज होने के अगले ही दिन कई राज्यों और शहरों में एक साथ छापेमारी कर जांच को तेज कर दिया गया है।
54 करोड़ रुपये के भूमि घोटाले की हर कड़ी खंगाल रही जांच एजेंसी
सूत्रों के मुताबिक, विजिलेंस की टीम भूमि खरीद, वित्तीय लेनदेन, फाइलों की प्रक्रिया और निर्णय लेने की पूरी श्रृंखला की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि जांच के दौरान कई अहम खुलासे हो सकते हैं और इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
मुख्यमंत्री धामी का सख्त संदेश
राज्य सरकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने पारदर्शी और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं और जांच के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की बात कही है।
जांच जारी, आधिकारिक जानकारी का इंतजार
फिलहाल विजिलेंस की कार्रवाई लगातार जारी है। जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद एजेंसी की ओर से मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा किया जा सकता है।














Leave a Reply