भारतीय बैंकिंग सेक्टर में अब तक के सबसे बड़े विदेशी निवेश का रास्ता साफ होता दिख रहा है। लंबे समय से चल रही विनिवेश प्रक्रिया के बाद आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) के लिए कनाडा की Fairfax Holdings की बोली को सरकार ने मंजूरी दे दी है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) अपनी संयुक्त 60.72% हिस्सेदारी बेच रहे हैं, जिससे करीब ₹53,000 करोड़ मिलने की उम्मीद है।
सरकार और LIC बेच रहे हैं 60.72% हिस्सेदारी
वर्तमान में IDBI बैंक में सरकार और LIC की कुल मिलाकर लगभग 95% हिस्सेदारी है।
- भारत सरकार की हिस्सेदारी: 45.48%
- LIC की हिस्सेदारी: 50% से कम
प्रस्तावित डील के तहत:
- सरकार अपनी 30.48% हिस्सेदारी बेचेगी।
- LIC अपनी 30.24% हिस्सेदारी बेचेगी।
इस हिस्सेदारी बिक्री से कुल डील का आकार लगभग ₹53,000 करोड़ (करीब 5.5 अरब डॉलर) होने का अनुमान है।
Fairfax Holdings ने बढ़ाई अपनी बोली
रिपोर्ट्स के अनुसार, Fairfax Holdings ने अपनी बोली बढ़ाकर ₹81 प्रति शेयर कर दी है। इससे पहले कंपनी ने ₹75 प्रति शेयर का प्रस्ताव दिया था।
नई बोली के आधार पर:
- सरकार को लगभग ₹26,620 करोड़ प्राप्त हो सकते हैं।
- LIC को लगभग ₹26,440 करोड़ मिलने का अनुमान है।
आधिकारिक घोषणा जल्द संभव
सूत्रों के मुताबिक, सरकार और Fairfax Holdings के बीच बातचीत के बाद डील पर सहमति बन गई है। अब जल्द ही:
- औपचारिक नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है।
- इसके बाद Letter of Intent (LOI) जारी होगा।
- फिर शेयर खरीद समझौते (Share Purchase Agreement) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
हालांकि, IDBI Bank ने स्टॉक एक्सचेंज को दिए जवाब में कहा है कि वह इस खबर की न तो पुष्टि कर सकता है और न ही इसका खंडन।
शेयर में आई तेजी
मंगलवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर IDBI बैंक का शेयर 2.9% की बढ़त के साथ ₹86.54 पर बंद हुआ।
मार्च में विनिवेश प्रक्रिया अस्थायी रूप से रोक दिए जाने के बाद बैंक का शेयर ₹61.01 के 52 सप्ताह के निचले स्तर तक पहुंच गया था। इसके बाद शेयर में लगभग 42% की तेजी दर्ज की गई है।
डील के लिए नियामकीय मंजूरी जरूरी
इस विनिवेश प्रक्रिया को पूरा करने से पहले Fairfax Holdings को कई नियामकीय मंजूरियां प्राप्त करनी होंगी, जिनमें प्रमुख हैं:
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की अंतिम मंजूरी
- भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) सहित अन्य आवश्यक नियामकीय स्वीकृतियां
भारतीय बैंकिंग सेक्टर में सबसे बड़ा विदेशी निवेश
यदि यह सौदा पूरा होता है, तो इसे भारतीय बैंकिंग सेक्टर में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश माना जाएगा।
Fairfax Holdings की भारतीय इकाई के पास फिलहाल CSB Bank में लगभग 40% हिस्सेदारी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, भविष्य में दोनों बैंकों के संचालन को लेकर भी संभावनाओं पर चर्चा हो सकती है, हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
IDBI Bank के विनिवेश की यह प्रक्रिया भारत सरकार के एसेट मोनेटाइजेशन कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है। हालांकि, डील से जुड़ी अंतिम प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है और आधिकारिक घोषणा के साथ ही सभी शर्तें स्पष्ट होंगी। RBI और अन्य नियामकीय मंजूरियों के बाद ही यह सौदा अंतिम रूप ले सकेगा।












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