राज्यसभा के लिए BJP ने चला बड़ा दांव, दिनेश आर्य के नाम पर लगी मुहर—दलित चेहरे पर भरोसा

देहरादून: उत्तराखंड से राज्यसभा की रिक्त होने वाली एक सीट के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दिनेश आर्य को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने रविवार को उनके नाम पर अंतिम मुहर लगाई। इसके साथ ही राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा के संभावित उम्मीदवारों के नाम पर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है।

उत्तराखंड से मौजूदा राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। इसी के चलते राज्य की एक राज्यसभा सीट के लिए द्विवार्षिक चुनाव कराया जा रहा है। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 16 अक्टूबर 2026 को मतदान और इसी दिन मतगणना होगी।

नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर निर्धारित की गई है, जबकि 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे।

भाजपा में राज्यसभा प्रत्याशी के चयन को लेकर प्रदेश स्तर पर भी लंबे समय से मंथन चल रहा था। प्रदेश भाजपा की कोर कमेटी में करीब 24 नामों पर चर्चा के बाद केंद्रीय नेतृत्व को 15 नामों का पैनल भेजे जाने की जानकारी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने दी थी। अब केंद्रीय चुनाव समिति ने दिनेश आर्य के नाम को अंतिम रूप दे दिया है।

कौन हैं दिनेश आर्य?

दिनेश आर्य लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े रहे हैं। वह नैनीताल के रहने वाले हैं और पूर्व में नैनीताल जिला भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वह भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा में भी प्रदेश स्तर पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

वर्तमान में दिनेश आर्य उत्तराखंड सरकार में दर्जाधारी हैं। वह राज्यस्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

2022 के विधानसभा चुनाव से पहले दिनेश आर्य ने नैनीताल विधानसभा सीट से भाजपा टिकट के लिए दावेदारी की थी। संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहने के कारण भाजपा के भीतर उनकी मजबूत संगठनात्मक पृष्ठभूमि मानी जाती है।

16 अक्टूबर को होगा मतदान

उत्तराखंड की राज्यसभा सीट के लिए चुनाव प्रक्रिया अब नामांकन के चरण में है। 6 अक्टूबर नामांकन की अंतिम तारीख है। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। इसके बाद 16 अक्टूबर को मतदान और मतगणना होगी।

उत्तराखंड के अलावा इसी चुनाव कार्यक्रम के तहत उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए भी द्विवार्षिक चुनाव कराया जाएगा। वहीं पश्चिम बंगाल की एक राज्यसभा सीट पर उपचुनाव होगा। तीनों राज्यों की संबंधित सीटों के लिए मतदान 16 अक्टूबर को निर्धारित किया गया है।

दिनेश आर्य को भाजपा का प्रत्याशी बनाए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में इसे दलित प्रतिनिधित्व से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि भाजपा ने उम्मीदवार की घोषणा करते हुए आधिकारिक तौर पर यह नहीं कहा है कि दिनेश आर्य के चयन के पीछे कोई विशेष राजनीतिक रणनीति या किसी दल की गतिविधियों का जवाब देने की मंशा है।

राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पास विधानसभा में पर्याप्त संख्या बल होने के कारण दिनेश आर्य की उम्मीदवारी को मजबूत माना जा रहा है। अब नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव की तस्वीर और स्पष्ट होगी।

 

 

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