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डोभाल पर टिप्पणी को हरदा का समर्थन, बोले- आलोचना करना विपक्ष का अधिकार

Dehradun : राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणी पर उत्तराखंड की राजनीति में घमासान मचा हुआ है। भाजपा नेताओं की ओर से राहुल गांधी के बयान की आलोचना किए जाने के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत उनके समर्थन में उतर आए हैं। हरीश रावत ने राहुल गांधी की टिप्पणी को नेता प्रतिपक्ष की राजनीतिक भूमिका से जोड़ते हुए इसका विरोध करने वालों पर निशाना साधा है। उन्होंने इस मुद्दे को उत्तराखंड के सम्मान से जोड़ने को नासमझी करार दिया।

राहुल गांधी ने फोन टैपिंग को लेकर लगाए थे आरोप

दरअसल, 19 सितंबर 2026 को मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को लेकर कई सवाल उठाए थे।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि देश के लोगों के फोन, व्हाट्सऐप और फेसबुक से जुड़ी जानकारी तक सरकार की पहुंच है और फोन टैपिंग के जरिए सूचनाएं जुटाई जाती हैं। उन्होंने दावा किया था कि इस तरह प्राप्त जानकारी प्रधानमंत्री और गृह मंत्री तक पहुंचती है।

कार्यक्रम के दौरान अपना फोन दिखाते हुए राहुल गांधी ने कहा था कि फोन के अंदर अजित डोभाल बैठे हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया और भाजपा नेताओं ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए विरोध जताया।

उत्तराखंड में भी राहुल गांधी के बयान पर विरोध

राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर उत्तराखंड में भी भाजपा नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत भाजपा के कई नेताओं ने उनके बयान की आलोचना की। विरोध करने वालों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति को लेकर इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है।

वहीं, अब हरीश रावत के बयान ने इस राजनीतिक विवाद को नया मोड़ दे दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता के तौर पर उन्हें सरकार की नीतियों और कामकाज पर सवाल उठाने का अधिकार है।

‘राहुल गांधी विपक्ष का धर्म निभा रहे हैं’: हरीश रावत

हरीश रावत ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से लेकर कई नेता राहुल गांधी की टिप्पणी को राज्य के अपमान से जोड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष हैं और भाजपा नेताओं को उनकी टिप्पणी को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखना चाहिए। रावत के मुताबिक, राहुल गांधी विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। यदि वह सरकार के कार्यों से संतुष्ट नहीं हैं और उन नीतियों के क्रियान्वयन में अजित डोभाल की भी भूमिका है, तो उन पर सवाल उठाए जा सकते हैं, उनकी आलोचना की जा सकती है और राजनीतिक कटाक्ष भी किए जा सकते हैं।

हरीश रावत ने कहा कि इस पूरे मामले को स्थानीयता या उत्तराखंड के सम्मान का मुद्दा बनाना नासमझी है।

बयान से बढ़ी राजनीतिक तल्खी

अजित डोभाल पर राहुल गांधी की टिप्पणी और उसके बाद हरीश रावत के समर्थन ने उत्तराखंड में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। एक ओर भाजपा नेता राहुल गांधी के बयान को अनुचित बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हरीश रावत इसे विपक्ष की लोकतांत्रिक भूमिका का हिस्सा मान रहे हैं।

अब इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं। हालांकि, फोन टैपिंग और निगरानी को लेकर राहुल गांधी की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान के आधार पर नहीं होती है।

 

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