
Dehradun News: उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच भाजपा के पूर्व नेता और बॉलीवुड गायक जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। उन्होंने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। कुछ दिन पहले ही उन्होंने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था। उनके कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें तभी से लगाई जा रही थीं।
रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में एंट्री को उत्तराखंड की आगामी विधानसभा चुनावी राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके पार्टी में शामिल होने के दौरान कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में ली सदस्यता
रामशरण नौटियाल को कांग्रेस की सदस्यता उत्तराखंड की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य की मौजूदगी में दिलाई गई। कांग्रेस नेताओं ने उनका पार्टी में स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि उनके जुड़ने से संगठन को मजबूती मिलेगी।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस समेत सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीति तैयार करने में जुटे हैं।
भाजपा में घुटन महसूस कर रहे थे रामशरण नौटियाल: कुमारी सैलजा
रामशरण नौटियाल के कांग्रेस में शामिल होने पर उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा ने कहा कि उनके पुराने साथी को भाजपा में घुटन महसूस हो रही थी। उन्होंने भाजपा के माहौल और कामकाज को लेकर उनकी नाराजगी का जिक्र करते हुए कांग्रेस में उनका स्वागत किया।
सैलजा ने उम्मीद जताई कि रामशरण नौटियाल के पार्टी से जुड़ने से कांग्रेस को मजबूती मिलेगी। उनके इस बयान को भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आए नौटियाल के राजनीतिक फैसले के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।
गणेश गोदियाल ने किया स्वागत, संगठन को मजबूती मिलने की उम्मीद
उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी रामशरण नौटियाल का पार्टी में स्वागत किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके कांग्रेस में शामिल होने से संगठन को नई ताकत मिलेगी।
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के एक पूर्व नेता का कांग्रेस में शामिल होना राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बन गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस रामशरण नौटियाल को संगठन में क्या जिम्मेदारी देती है और चुनावी रणनीति में उनकी भूमिका किस तरह तय होती है।
2022 में चकराता विधानसभा सीट से लड़े थे चुनाव
रामशरण नौटियाल वर्ष 2022 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर चकराता विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे थे। इस सीट पर उनका मुकाबला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह से हुआ था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
चकराता विधानसभा सीट देहरादून जिले में स्थित है और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में रामशरण नौटियाल के कांग्रेस में शामिल होने के बाद उनकी आगामी राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज होना स्वाभाविक है।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि रामशरण नौटियाल 2027 के विधानसभा चुनाव में किसी सीट से चुनाव लड़ेंगे या पार्टी संगठन में कोई जिम्मेदारी निभाएंगे।
2027 चुनाव से पहले कांग्रेस की रणनीति पर नजर
उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए रामशरण नौटियाल का भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होना एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम है। कांग्रेस इसे संगठन को मजबूत करने के अवसर के रूप में देख रही है, जबकि उनकी आगे की राजनीतिक भूमिका पर अभी तस्वीर साफ नहीं है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि कांग्रेस उनके अनुभव का किस तरह इस्तेमाल करती है और आगामी चुनाव में यह राजनीतिक बदलाव पार्टी के लिए कितना फायदेमंद साबित होता है।













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