
देहरादून में नशामुक्त उत्तराखंड के लिए बड़ा जागरूकता अभियान, एडीजी डॉ. वी. मुरूगेशन ने राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली को दिखाई हरी झंडी
देहरादून। उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने और युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शनिवार को देहरादून पुलिस लाइन में ‘नशे के विरुद्ध लड़ाई, मेरी शुरुआत खुद से’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 1,000 से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग कर नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरूगेशन ने राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना और राष्ट्रीय एकता दिवस-2026 के उपलक्ष्य में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। रैली के माध्यम से युवाओं और आमजन को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यह रैली राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर गुजरात पहुंचेगी।

18 वर्षों से नशामुक्ति के लिए जागरूकता अभियान चला रहा सजग इंडिया
कार्यक्रम में सजग इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं शिक्षाविद एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने संस्था की ओर से पिछले 18 वर्षों से संचालित नशामुक्ति जागरूकता अभियान और युवा संवाद कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्परिणामों, मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों और जीवन में सही निर्णय लेने के महत्व से अवगत कराना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
ललित मोहन जोशी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत दूसरों से नहीं, बल्कि स्वयं से होनी चाहिए। प्रत्येक युवा को नशे से दूर रहने का संकल्प लेने के साथ अपने मित्रों, परिवार और समाज को भी जागरूक करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को शिक्षा, खेल, कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण की दिशा में लगाकर ही स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत के सपने को साकार किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नशामुक्त समाज बनाना केवल पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए परिवार, विद्यालय, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है। निरंतर संवाद और सामूहिक प्रयासों से ही नशे के खिलाफ सकारात्मक सामाजिक वातावरण तैयार किया जा सकता है।
विद्यार्थियों से सीधा संवाद, गलत संगति और साथियों के दबाव से बचने की सलाह
कार्यक्रम के दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। इसमें डॉ. वी. मुरूगेशन, एडवोकेट ललित मोहन जोशी और अन्य वक्ताओं ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी।
विद्यार्थियों को गलत संगति और साथियों के दबाव से बचने के साथ जरूरत पड़ने पर परिवार, शिक्षकों और विश्वसनीय व्यक्तियों से मदद लेने के लिए प्रेरित किया गया। संवाद सत्र में विद्यार्थियों के सवालों के जवाब भी दिए गए और उन्हें जीवन में सकारात्मक विकल्प चुनने का संदेश दिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि नशामुक्ति का संदेश केवल किसी एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए लगातार जनजागरूकता अभियान चलाने, युवाओं से संवाद स्थापित करने और समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने की जरूरत है। जागरूक युवा स्वयं नशे से दूर रहकर दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन सकते हैं।
पुलिस और प्रशासन के अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून प्रमेन्द्र डोभाल, एसपी सिटी शेखर सुयाल, एसपी जया बलूनी, डॉ. जैसलीन कालरा और डॉ. सिल्की अरोड़ा सहित पुलिस एवं प्रशासन के अन्य अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को संदेश दिया गया कि नशामुक्त उत्तराखंड का सपना व्यक्तिगत संकल्प, सही निर्णय, जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी से ही साकार हो सकता है। नशे से दूरी बनाकर युवा न केवल अपना भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।












Leave a Reply