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रावण के कद पर त्रिवेंद्र का तंज, भट्ट ने दी सफाई—बोले, गलत मायने न निकालें!

देहरादून: दशहरे पर रावण के पुतले की बढ़ती ऊंचाई को समाज में बढ़ते भ्रष्टाचार से जोड़ने वाले पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयान पर उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। त्रिवेंद्र की टिप्पणी पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने तंज कसा, तो विवाद के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बयान का आशय स्पष्ट करते हुए कहा कि त्रिवेंद्र सिंह रावत की बात को गलत तरीके से समझा जा रहा है। उन्होंने कहा कि रावण जलने में अच्छा लगता है, कद में नहीं।

दरअसल, दशहरे के अवसर पर देहरादून में तैयार किए गए रावण के पुतले की ऊंचाई और उसमें इस्तेमाल लोहे की मात्रा का जिक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने समाज में बढ़ते भ्रष्टाचार पर कटाक्ष किया था। उन्होंने बताया था कि रावण के पुतले में करीब छह टन लोहा इस्तेमाल किया गया है और उसकी ऊंचाई 180 फुट से अधिक हो गई है। उन्होंने रावण के पुतलों के लगातार बढ़ते आकार की तुलना समाज में बढ़ते भ्रष्टाचार से की थी।

त्रिवेंद्र सिंह रावत की इस टिप्पणी के सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी इस बयान पर तंज कसा, जिसके बाद यह मुद्दा राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया।

विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयान का आशय वैसा नहीं था, जैसा निकाला जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्रिवेंद्र का संदेश रावण के पुतलों का आकार बढ़ाने के बजाय उनके प्रतीकात्मक महत्व पर ध्यान देने से जुड़ा था।

महेंद्र भट्ट के मुताबिक, त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रामलीला समितियों से अपील की थी कि रावण का कद हमेशा छोटा ही रहना चाहिए, क्योंकि रावण जलने में अच्छा लगता है, कद में नहीं। उन्होंने कहा कि बयान को इसी संदर्भ में समझा जाना चाहिए।

रावण के पुतले की ऊंचाई को भ्रष्टाचार से जोड़ने वाली टिप्पणी और उस पर भाजपा-कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रियाओं ने दशहरे के आयोजन से जुड़े मुद्दे को प्रदेश की सियासत में चर्चा का विषय बना दिया है।

 

 

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