
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जनपद के सभी उपजिलाधिकारियों (SDM) को अपने-अपने क्षेत्रों में राशन की दुकानों की निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, राजकीय अन्न भंडारों का निरीक्षण कर राशन की गुणवत्ता जांचने को भी कहा गया है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राशन वितरण में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उचित दर की दुकानों पर साफ-सफाई बनाए रखने और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। इसके लिए दुकानों की निगरानी करने को स्थानीय अधिकारियों की तैनाती के निर्देश भी दिए गए हैं।
गोदामों से राशन की गुणवत्ता जांचेंगे SDM

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सभी उपजिलाधिकारियों को राजकीय अन्न भंडारों का स्वयं निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान गोदामों से उचित दर की दुकानों को भेजे जाने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि गोदामों से केवल गुणवत्तायुक्त खाद्यान्न ही राशन की दुकानों तक पहुंचाया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता का राशन मिल सके।
एक सप्ताह में देनी होगी निरीक्षण और कार्रवाई की रिपोर्ट
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। इसके साथ ही, राशन की दुकानों और राजकीय अन्न भंडारों के निरीक्षण तथा की गई कार्रवाई की आख्या एक सप्ताह के भीतर जिला प्रशासन को उपलब्ध करानी होगी।
जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना, राशन की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और पात्र उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।














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