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दिव्यांग के भवन सौदे पर बड़ा विवाद! 56 लाख बकाया का आरोप, सोनिया आनंद का पलटवार

Dehradun News: दोनों हाथ गंवा चुके हरिओम सहगल का आरोप है कि वर्ष 2021 में उनका भवन खरीदने के बाद तय रकम का पूरा भुगतान नहीं किया गया। मामले में एसएसपी ने एसपी सिटी को सौंपी जांच, कांग्रेस नेत्री सोनिया आनंद रावत ने आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश।

देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत की पत्नी जसबीर कौर आनंद उर्फ सोनिया आनंद रावत से जुड़े भवन खरीद और भुगतान विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। देहरादून निवासी दिव्यांग हरिओम सहगल ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2021 में उनसे भवन खरीदने के बाद 56 लाख रुपये की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया। शिकायत सामने आने के बाद देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने मामले की जांच एसपी सिटी को सौंप दी है।

56 लाख रुपये में तय हुआ था भवन का सौदा

शिकायतकर्ता हरिओम सहगल के मुताबिक, वर्ष 2021 में उन्होंने अपना भवन जसबीर कौर आनंद उर्फ सोनिया आनंद रावत को बेचा था। उनके अनुसार, भवन का सौदा 56 लाख रुपये में तय हुआ था, जबकि संपत्ति की बाजार कीमत दो करोड़ रुपये से अधिक और सरकारी मूल्यांकन करीब 1.25 करोड़ रुपये से ज्यादा होने का दावा किया गया है।

सहगल का आरोप है कि सौदे के तहत उन्हें पूरी रकम नहीं मिली। उनके मुताबिक, दो किस्तों में कुल 12 लाख 80 हजार रुपये का भुगतान किया गया, जिसमें 2 लाख 80 हजार और 10 लाख रुपये शामिल हैं। बाकी रकम का भुगतान अब तक नहीं हुआ है।

चेक बाउंस, कब्जे और धमकी के भी आरोप

हरिओम सहगल ने शिकायत में रजिस्ट्री के दौरान इस्तेमाल किए गए चेक बाउंस होने, भवन पर जबरन कब्जा करने, मारपीट और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं।

शिकायतकर्ता के अनुसार, इस विवाद को लेकर कानूनी लड़ाई भी चली है और मामला नासिक की अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

एसएसपी ने एसपी सिटी को सौंपी जांच

मामले में शिकायत मिलने के बाद देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता के दोनों हाथ नहीं हैं और वह लंबे समय से न्याय के लिए प्रयास कर रहे हैं।

एसएसपी के मुताबिक, प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी को विस्तृत जांच सौंपी गई है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई होगी और किसी की राजनीतिक पहचान जांच में बाधा नहीं बनेगी।

सोनिया आनंद रावत ने आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश

दूसरी ओर, कांग्रेस नेत्री सोनिया आनंद रावत ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि यह वर्ष 2021 का पुराना मामला है, जिसे राजनीतिक कारणों से दोबारा उठाया जा रहा है।

सोनिया आनंद रावत ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के इशारे पर उनकी राजनीतिक छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों पर भी सवाल उठाए और कहा कि यदि पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करती है तो वह एसएसपी कार्यालय पहुंचकर भूख हड़ताल करेंगी।

जांच के बाद स्पष्ट होगी मामले की स्थिति

फिलहाल भवन की खरीद, भुगतान और शिकायत में लगाए गए आरोपों को लेकर पुलिस जांच जारी है। एक ओर दिव्यांग शिकायतकर्ता बकाया रकम और न्याय की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सोनिया आनंद रावत ने आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है। अब पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले की अगली स्थिति स्पष्ट होगी।

 

 

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