श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में हिंदी दिवस पर प्रतियोगिताओं का आयोजन

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (SGRRU) के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के डिपार्टमेंट ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड लिबरल स्टडीज की ओर से सोमवार को हिंदी दिवस के अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने के साथ उनकी रचनात्मकता और अभिव्यक्ति क्षमता को प्रोत्साहित करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान कहानी, कविता-पाठ और भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इस अवसर पर संकायाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) प्रीति तिवारी ने विद्यार्थियों को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम की शुरुआत कार्यक्रम संयोजक डॉ. कल्पना थपलियाल ने की। उन्होंने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए हिंदी दिवस के उद्देश्य और प्रतियोगिताओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और भावनात्मक जुड़ाव का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।

काव्य-पाठ प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने “युवा पीढ़ी और हिंदी का भविष्य”, “हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा” और “हिंदी की चुनौतियां” जैसे विषयों पर अपनी कविताएं प्रस्तुत कीं। प्रतिभागियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से हिंदी भाषा की वर्तमान स्थिति, साहित्यिक विरासत और भविष्य की संभावनाओं को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा। प्रतियोगिता में नेत्रा थपलियाल ने प्रथम, अवनी गर्ग ने द्वितीय और हर्षित सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

कहानी प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति, पहाड़ी सभ्यता और नारी शक्ति जैसे विषयों को अपनी कहानियों के माध्यम से प्रस्तुत किया। उनकी कल्पनाशीलता, कथात्मक शैली और प्रभावी अभिव्यक्ति ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस प्रतियोगिता में शिविका लखेड़ा ने प्रथम, सिदरा फातिमा ने द्वितीय और सावन मौर्य ने तृतीय स्थान हासिल किया।

भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने “हिंदी भाषा का वर्तमान एवं भविष्य”, “मातृभाषा का गौरव” और “भारतीय संस्कृति और हिंदी भाषा” जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। प्रतियोगिता में पूनम ने प्रथम, आलोक कुमार ने द्वितीय और पूर्णिमा बंसल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विद्यार्थियों ने अपने विचारों के माध्यम से हिंदी भाषा के महत्व और भारतीय संस्कृति के साथ उसके गहरे संबंध को रेखांकित किया।

इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) गीता रावत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदी हमारी संस्कृति, संवेदना और पहचान से जुड़ी भाषा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल और वैश्विक दौर में हिंदी के प्रयोग एवं प्रसार की संभावनाएं और अधिक व्यापक हुई हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा को निरंतर विकसित करने तथा हिंदी भाषा एवं साहित्य से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में संकाय के सभी शिक्षक उपस्थित रहे और उन्होंने प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने वाले विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित इन प्रतियोगिताओं ने विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा और विचारों को हिंदी के माध्यम से अभिव्यक्त करने का मंच प्रदान किया।

 

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