
देहरादून: उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में करीब 26 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में आगामी विधानसभा सत्र में पेश किए जाने वाले 7,412 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही महिलाओं को आर्थिक सहायता, दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में अतिरिक्त अंक, एससी-एसटी के गरीब छात्रों को मुफ्त कोचिंग और खिलाड़ियों को रोडवेज बसों में निःशुल्क यात्रा जैसी कई महत्वपूर्ण घोषणाओं से जुड़े प्रस्तावों को स्वीकृति मिली।
दोपहर 3:55 बजे शुरू हुई बैठक में शिक्षा, खेल, ऊर्जा, परिवहन, प्रशासनिक व्यवस्था और कानून से जुड़े विभिन्न विषयों पर निर्णय लिए गए। बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और राम सिंह कैड़ा शामिल नहीं हुए।
एकल महिलाओं के लिए शुरू होगी सम्मान योजना
धामी कैबिनेट ने राज्य की निराश्रित और एकल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। योजना के विस्तृत दिशा-निर्देशों और लाभार्थियों से संबंधित शर्तों की जानकारी अलग से जारी की जा सकती है।

दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में मिलेंगे 5 अतिरिक्त अंक
कैबिनेट ने दिव्यांग छात्र-छात्राओं को उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं में पांच अंकों की विशेष छूट यानी ग्रेस मार्क्स देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस फैसले से पात्र दिव्यांग विद्यार्थियों को परीक्षा में राहत मिलने की उम्मीद है।
वहीं, अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग देने के लिए परिवार की वार्षिक आय सीमा में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब आय सीमा दो लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये कर दी गई है। इससे पहले की तुलना में अधिक पात्र छात्र-छात्राएं इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
हरिद्वार में खुलेंगे दो नए निजी विश्वविद्यालय
उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने हरिद्वार में दो निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने के प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इनमें आरोग्यम विश्वविद्यालय और बीएमएस विश्वविद्यालय शामिल हैं। इन संस्थानों की स्थापना से प्रदेश में उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार होने की उम्मीद है।
मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को रोडवेज बसों में मुफ्त सफर
उत्तराखंड के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पदक या पुरस्कार जीतने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इसके अलावा, प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रत्येक जिले में मुख्य खेल प्रशिक्षकों की नियुक्ति का भी निर्णय लिया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देने और उनकी प्रतिभा को निखारने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट के अन्य अहम फैसले
बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इनमें शामिल हैं:
- उरेड़ा का पुनर्गठन: उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (उरेड़ा) के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई।
- आवासीय विद्यालय का उन्नयन: ऊधमसिंह नगर जिले के राजकीय आश्रम पद्धति बालिका आवासीय विद्यालय को अपग्रेड कर हाईस्कूल का दर्जा देने पर सहमति बनी।
- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कर्मचारियों के सेवा नियम: उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह-ग और समूह-घ के कर्मचारियों के लिए सेवा नियमावली को मंजूरी दी गई।
- स्टांप वादों का निस्तारण: स्टांप से संबंधित वादों के निपटारे के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना को स्वीकृति दी गई।
- सड़क और पुल निर्माण की प्रक्रिया होगी आसान: प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण के लिए अलग-अलग स्वीकृतियों की व्यवस्था के स्थान पर एक ही स्वीकृति से कार्य कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
- जौनसारी नाम में संशोधन: उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के तहत जनजातियों की सूची में दर्ज ‘जन्नासारी’ को संशोधित कर ‘जौनसारी’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली।
- यूसीसी में संशोधन: समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के प्रावधानों में मौजूद लिपिकीय त्रुटियों को दूर करने के लिए संशोधन को मंजूरी दी गई।
7,412 करोड़ के अनुपूरक बजट पर रहेगी नजर
धामी कैबिनेट की बैठक का एक प्रमुख निर्णय 7,412 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को मंजूरी देना रहा। आगामी विधानसभा सत्र में इसे सदन के पटल पर पेश किया जाएगा। अनुपूरक बजट के जरिए वित्तीय वर्ष के दौरान अतिरिक्त व्यय की जरूरतों को पूरा करने के लिए धनराशि का प्रावधान किया जाता है।
कुल मिलाकर, कैबिनेट के फैसलों में महिला कल्याण, शिक्षा, खेल, ऊर्जा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को प्राथमिकता दी गई है। इन निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन और संबंधित योजनाओं के विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने के बाद इनके लाभार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं की तस्वीर और स्पष्ट होगी।












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