बड़ी खबर : श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में चमत्कार, हार्ट सर्जरी बिना ही मरीज स्वस्थ

देहरादून। Shri Mahant Indiresh Hospital के कार्डियोलॉजी विभाग ने एक बेहद जटिल और हाई-रिस्क हृदय रोगी का सफल उपचार कर चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि दर्ज की है।

59 वर्षीय मरीज गंभीर एओर्टिक स्टेनोसिस और मल्टी-वाल्व जटिलताओं से पीड़ित था। इससे पहले उस पर ओपन हार्ट सर्जरी का प्रयास किया गया, लेकिन “पोर्सलीन एओर्टा” जैसी गंभीर स्थिति के कारण सर्जरी बीच में ही रोकनी पड़ी।

इस स्थिति में एओर्टा की दीवार में अत्यधिक कैल्सीफिकेशन होने से सर्जरी करना बेहद जोखिमभरा होता है, जिससे स्ट्रोक और अन्य जटिलताओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। मरीज को “सर्जिकल टर्नडाउन” श्रेणी में रखा गया, जहां पारंपरिक सर्जरी संभव नहीं थी।

ऐसे कठिन हालात में Transcatheter Aortic Valve Implantation (TAVI) ही एकमात्र सुरक्षित विकल्प बचा था।

अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख Dr. Tanuj Bhatia के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने इस जटिल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। टीम में Dr. Ashok Jayant, Dr. Hari Om Khandelwal सहित अन्य विशेषज्ञ शामिल रहे।

इस प्रक्रिया में अत्याधुनिक इमेजिंग तकनीक और प्रिसीजन-गाइडेड इंटरवेंशन का उपयोग किया गया, जिससे बिना छाती खोले नया एओर्टिक वाल्व सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया गया।

क्या है TAVI तकनीक? (Explainer SEO सेक्शन)

Transcatheter Aortic Valve Implantation आधुनिक कार्डियोलॉजी की एक क्रांतिकारी तकनीक है, जिसमें बिना ओपन हार्ट सर्जरी के कैथेटर के जरिए नया वाल्व लगाया जाता है।

फायदे:

  • बिना छाती खोले इलाज
  • कम दर्द और कम जोखिम
  • तेज रिकवरी
  • जल्दी सामान्य जीवन में वापसी

डॉक्टर का बयान

डॉ. तनुज भाटिया के अनुसार,

“ऐसे जटिल मामलों का सफल उपचार केवल आधुनिक तकनीक से नहीं, बल्कि टीमवर्क और क्लिनिकल एक्सपर्टाइज से संभव होता है।”

यह सफलता न केवल Shri Mahant Indiresh Hospital की उन्नत चिकित्सा सुविधाओं को दर्शाती है, बल्कि उत्तराखंड में हृदय रोगों के आधुनिक इलाज की बढ़ती क्षमता का भी प्रमाण है।

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