
देहरादून। श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज और श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के एनेस्थीसियोलॉजी विभाग की ओर से 22 अक्टूबर 2026 को नवप्रवेशित पीजी डॉक्टरों के लिए बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) पर व्यावहारिक कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में 160 पीजी डॉक्टरों ने भाग लिया और जीवन रक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस दौरान डॉक्टरों को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता देने और जीवन बचाने से जुड़ी तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य नवप्रवेशित पीजी डॉक्टरों को आपातकालीन चिकित्सा परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने एडवांस्ड कार्डियक लाइफ सपोर्ट (एसीएलएस) से संबंधित प्रशिक्षण एवं व्यावहारिक गतिविधियों में भी हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज के प्राचार्य डॉ. उत्कर्ष शर्मा ने बेसिक लाइफ सपोर्ट प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जीवन रक्षक तकनीकों की जानकारी केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि घरों और अन्य सामान्य परिस्थितियों में भी इसकी आवश्यकता होती है। आपातकालीन स्थिति में समय पर प्राथमिक सहायता मिलने से किसी व्यक्ति की जान बचाने में मदद मिल सकती है।

उद्घाटन सत्र में श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल मलिक, डॉ. अंजलि चौधरी, डॉ. पुनीत ओहरी और डॉ. निधि जैन उपस्थित रहे।
कार्यशाला का संचालन डॉ. आशुतोष, डॉ. हरिओम, डॉ. किंजम, डॉ. राहुल और डॉ. मनस्विता ने किया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने जीवन रक्षक तकनीकों को समझने के साथ उनका व्यावहारिक अभ्यास भी किया। कार्यशाला का माहौल उत्साहपूर्ण और सीखने के लिए प्रेरणादायक रहा। इस पहल के माध्यम से नवप्रवेशित पीजी डॉक्टरों को आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए आवश्यक व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।












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