कपाट खुलने से पहले बर्फ में डूबा केदारनाथ, उत्तराखंड में तूफान-ओलावृष्टि का खतरा!

Kedarnath snowfall 2026: उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट ले चुका है।

विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल केदारनाथ धाम में कपाट खुलने से ठीक पहले ताज़ा बर्फबारी ने पूरे क्षेत्र को सफेद चादर से ढक दिया है, जिससे यहां का नजारा बेहद मनमोहक हो गया है।

इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में तूफान, तेज हवाओं और ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

 केदारनाथ में लगातार बर्फबारी, तीर्थयात्रा से पहले बढ़ी खूबसूरती

केदारनाथ मंदिर परिसर में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर बर्फबारी जारी है।

आगामी 22 अप्रैल को कपाट खुलने से पहले यह बर्फबारी श्रद्धालुओं के लिए एक अद्भुत दृश्य पेश कर रही है।

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पूरे धाम क्षेत्र में ठंड बढ़ गई है।

प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा यात्रा की तैयारियां जारी हैं, लेकिन मौसम की चुनौती भी सामने बनी हुई है।

 उत्तराखंड के इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट

 

 

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मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को राज्य के कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है। जिन जिलों में अलर्ट जारी किया गया है, उनमें शामिल हैं:

  • देहरादून
  • टिहरी गढ़वाल
  • उत्तरकाशी
  • रुद्रप्रयाग
  • चमोली
  • बागेश्वर
  • पिथौरागढ़

इन क्षेत्रों में बिजली चमकने, ओलावृष्टि और 60 किमी/घंटा तक की तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

 पश्चिमी विक्षोभ बना मौसम बदलाव की वजह

विशेषज्ञों के अनुसार, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण प्रदेश में मौसम अचानक बदल गया है।

इसका असर सिर्फ पहाड़ी इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि मैदानी क्षेत्रों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है।

 9 अप्रैल तक बदला रहेगा मौसम

मौसम विभाग का अनुमान है कि 9 अप्रैल तक पूरे उत्तराखंड में मौसम अस्थिर बना रहेगा

  • पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान सामान्य से नीचे
  • मैदानी इलाकों में हल्की ठंडक और बादल छाए रहने के आसार

 प्रशासन अलर्ट मोड पर, लोगों को सतर्क रहने की सलाह

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र उत्तराखंड ने सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं।

मुख्य निर्देश:

  • खराब मौसम में ट्रैकिंग गतिविधियों पर रोक या नियंत्रण
  • संवेदनशील क्षेत्रों में आवाजाही सीमित करना
  • आपदा प्रबंधन टीम को हाई अलर्ट पर रखना
  • स्थानीय अधिकारियों की क्षेत्र में सक्रिय निगरानी

साथ ही, आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम चेतावनियों को गंभीरता से लें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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