कोटद्वार विवाद: मोहम्मद दीपक को सुप्रीम कोर्ट का कवच, FIR पर अंतरिम रोक

Kotdwar News: उत्तराखंड के कोटद्वार से जुड़े विवाद में जिम मालिक मोहम्मद दीपक को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज FIR पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही उत्तराखंड हाईकोर्ट के उस आदेश पर भी फिलहाल रोक लगा दी गई है, जिसमें दीपक को मामले से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट करने से बचने का निर्देश दिया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस

मोहम्मद दीपक ने अपने खिलाफ दर्ज FIR और हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर नोटिस जारी किया और FIR पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया।

कोर्ट ने हाईकोर्ट के सोशल मीडिया से संबंधित निर्देश पर भी फिलहाल रोक लगा दी है। हालांकि, यह राहत अंतरिम है और मामले में आगे की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार होगी।

क्या है कोटद्वार का पूरा विवाद?

मामला कोटद्वार में एक दुकान के नाम को लेकर हुए विवाद से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, 26 जनवरी को 70 वर्षीय मुस्लिम दुकानदार से दुकान के नाम में ‘बाबा’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर कुछ लोगों का विवाद हुआ था।

मोहम्मद दीपक के मुताबिक, वह दुकानदार के समर्थन में मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान भीड़ में मौजूद लोगों ने उनसे उनकी पहचान पूछी। दीपक ने खुद को मोहम्मद दीपक बताया।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दीपक चर्चा में आए। इसके बाद उनके समर्थन में लोगों ने छोटी-छोटी रकम के रूप में आर्थिक मदद भी भेजी थी।

दीपक और सहयोगी पर क्या आरोप हैं?

घटना के बाद मोहम्मद दीपक और उनके एक सहयोगी के खिलाफ दुर्व्यवहार, मोबाइल फोन छीनने और आपराधिक धमकी समेत अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया।

पुलिस ने दीपक समेत कुल 23 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होगा।

सरकार की ओर से हाईकोर्ट में बताया गया था कि घटना के दौरान दीपक मौके पर मौजूद थे और भीड़ को शांत करने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान उनके और भीड़ के बीच धक्का-मुक्की होने का भी आरोप सामने आया था।

हाईकोर्ट से नहीं मिली थी तत्काल राहत

इस मामले में 20 मार्च को उत्तराखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई थी। मोहम्मद दीपक की ओर से FIR रद्द करने, परिवार की सुरक्षा और संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की मांग की गई थी।

हाईकोर्ट ने उस समय FIR रद्द करने की मांग पर तत्काल राहत नहीं दी थी। कोर्ट ने दीपक को जांच में सहयोग करने और मामले से जुड़ी अनावश्यक सोशल मीडिया गतिविधियों से दूर रहने का निर्देश दिया था।

अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश से मिली अंतरिम राहत

सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद फिलहाल मोहम्मद दीपक के खिलाफ दर्ज FIR पर अंतरिम रोक रहेगी। साथ ही हाईकोर्ट के सोशल मीडिया संबंधी निर्देश पर भी रोक लगा दी गई है।

यह रोक फिलहाल अंतरिम है। मामले में आगे क्या फैसला होता है, यह सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर निर्भर करेगा।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!