पिथौरागढ़ (उत्तराखंड): भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई में नेपाल की सशस्त्र प्रहरी बल ने 37 क्विंटल से अधिक अवैध सामान जब्त किया है। यह सामान उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले से सटे नेपाल के बैतड़ी जिला में पकड़ा गया। जब्त माल की अनुमानित कीमत करीब 21 लाख नेपाली रुपये बताई जा रही है।
क्या-क्या मिला जब्त सामान में?
नेपाल पुलिस की कार्रवाई में बड़ी मात्रा में दैनिक उपयोग का सामान बरामद हुआ:
- 32 क्विंटल चीनी
- 5 क्विंटल मिश्री
- अन्य किराना सामग्री
- तस्करी में इस्तेमाल ट्रैक्टर और बोलेरो वाहन
कैसे हुई कार्रवाई?
जानकारी के अनुसार, 13 अप्रैल की सुबह करीब 3 बजे सशस्त्र प्रहरी बल ने छापेमारी कर यह कार्रवाई की। जैसे ही पुलिस ने घेराबंदी की, तस्कर वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए।
नेपाल सशस्त्र प्रहरी के डीएसपी जंग बहादुर कुंवर के अनुसार, जब्त सामान को आगे की कार्रवाई के लिए महाकाली कस्टम कार्यालय, झूलाघाट को सौंप दिया गया है।
झूलाघाट बना तस्करी का हॉटस्पॉट
भारत और नेपाल को जोड़ने वाला झूलाघाट झूलापुल लंबे समय से व्यापार और आवागमन का प्रमुख मार्ग है। इसी पुल के जरिए वैध रूप से सामान ले जाया जाता है, लेकिन तस्कर टैक्स बचाने के लिए अवैध रास्ते अपनाते हैं।
कैसे होती है तस्करी?
तस्कर कस्टम ड्यूटी से बचने के लिए:
- काली नदी के रास्ते चोरी-छिपे सामान पार कराते हैं
- टायर ट्यूब का इस्तेमाल कर नदी पार कराई जाती है सामग्री
- रात के समय छोटे वाहनों से सीमा पार कराने की कोशिश
पहले भी पकड़ा जा चुका है माल
यह कोई पहली घटना नहीं है। वर्ष 2024 में भी 19 लाख रुपये से अधिक का सामान इसी सीमा क्षेत्र में पकड़ा गया था। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई हैं।
क्यों बढ़ रही है तस्करी?
- कस्टम ड्यूटी से बचने की कोशिश
- सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी की चुनौती
- सस्ते सामान की नेपाल में अधिक मांग
भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ती तस्करी एक गंभीर मुद्दा बनती जा रही है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं, लेकिन तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर सिस्टम को चुनौती दे रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर सीमा सुरक्षा और कस्टम निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत को उजागर किया है।












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