देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आभूषणों और सोने की खरीदारी को लेकर की गई अपील के बाद उत्तराखंड के सराफा कारोबारियों में नाराजगी बढ़ गई है। ज्वैलर्स एसोसिएशन ऑफ उत्तरांचल ने प्रदेशभर में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।
सराफा कारोबारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री की अपील का सीधा असर स्वर्ण कारोबार और उससे जुड़े हजारों व्यापारियों व कारीगरों पर पड़ रहा है। कारोबारियों के अनुसार, सोना भारतीय संस्कृति, परंपरा और धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है और हर शुभ अवसर पर सोने-चांदी की खरीदारी की परंपरा रही है।
प्रदेश महासचिव गुरजीत सिंह ने कहा कि “सोना न खरीदने की अपील से बाजार में नकारात्मक संदेश गया है, जिससे कारोबार आर्थिक नुकसान की ओर बढ़ रहा है।”
वहीं, देहरादून सराफा मंडल के अध्यक्ष सुनील मैंसोन ने बताया कि गुरुवार शाम 7 बजे धामावाला स्थित सराफा बाजार में कारोबारी मोमबत्ती जलाकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराएंगे। इसी तरह प्रदेशभर के विभिन्न जिलों में भी सराफा व्यापारी प्रदर्शन करेंगे।
एक दिन में सोना 10 हजार रुपये महंगा
सराफा कारोबारियों की चिंता उस समय और बढ़ गई जब सोने पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया। इसके बाद एक ही दिन में सोने के दाम करीब 10 हजार रुपये तक बढ़ गए।
सराफा मंडल, दून के मुताबिक बुधवार को 24 कैरेट सोने की कीमत 1 लाख 66 हजार 500 रुपये तक पहुंच गई, जबकि एक दिन पहले इसकी कीमत करीब 1 लाख 55 हजार रुपये थी। कारोबारियों का कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में सोने के दाम और बढ़ सकते हैं, जिससे आम लोगों की खरीदारी प्रभावित होगी।












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