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चुनाव से पहले नेटवर्क का होगा ‘गेम ओवर’! देहरादून के 19 डेड जोन पर DM सख्त, 170 गांव अब भी कटे हैं नेटवर्क से

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के दूरस्थ इलाकों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए जनपद के सभी चिह्नित नेटवर्क विहीन और कमजोर कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में जल्द से जल्द मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आचार संहिता लागू होने से पहले सभी 19 चिह्नित शैडो एरिया में कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाए।

गुरुवार, 15 अक्टूबर को जिला टेलीकॉम समिति एवं नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने बीएसएनएल समेत सभी दूरसंचार कंपनियों के अधिकारियों को नेटवर्क विस्तार का काम युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ और वन क्षेत्रों में संचार सुविधाओं का विस्तार प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें, ताकि नेटवर्क उपलब्ध कराने में अनावश्यक देरी न हो।

मसूरी के 7 और चकराता के 12 इलाके नेटवर्क की पहुंच से बाहर

जिलाधिकारी के अनुसार, जनपद में कुल 19 शैडो एरिया चिह्नित किए गए हैं। इनमें मसूरी विधानसभा क्षेत्र के 7 और चकराता विधानसभा क्षेत्र के 12 क्षेत्र शामिल हैं। इन इलाकों में मोबाइल नेटवर्क पहुंचाने के लिए संबंधित दूरसंचार कंपनियों को आवश्यक कार्रवाई तेज करने को कहा गया है।

उन्होंने निर्देश दिए कि यदि मोबाइल टावर स्थापित करने में राजस्व भूमि या वन भूमि से संबंधित कोई अड़चन आ रही है, तो संबंधित विभागों से तत्काल समन्वय कर उसका समाधान निकाला जाए। भूमि संबंधी समस्याओं के कारण नेटवर्क विस्तार का काम लंबित नहीं रहना चाहिए।

निष्क्रिय मोबाइल टावर होंगे चालू, BSNL को नए टावर लगाने के निर्देश

जिलाधिकारी ने सभी मोबाइल कंपनियों को अपने टावरों और नेटवर्क कनेक्टिविटी का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो मोबाइल टावर निष्क्रिय हैं, उन्हें तत्काल दुरुस्त कर नेटवर्क सेवाएं बहाल की जाएं।

जिन क्षेत्रों में किसी भी दूरसंचार कंपनी का मोबाइल टावर उपलब्ध नहीं है, वहां प्राथमिकता के आधार पर बीएसएनएल को नए टावर स्थापित करने की कार्ययोजना पर तेजी से काम करने को कहा गया है। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक विद्यालयों तक भारतनेट परियोजना के तहत फाइबर नेटवर्क पहुंचाने के कार्य को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।

देहरादून के 170 गांव अब भी BSNL नेटवर्क से वंचित

बैठक में बीएसएनएल के अधिकारियों ने बताया कि जनपद देहरादून के कुल 767 गांवों में से 597 गांवों में बीएसएनएल कनेक्टिविटी उपलब्ध करा दी गई है, जबकि 170 गांव अभी भी नेटवर्क से नहीं जुड़ पाए हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, कुंआवाला से लच्छीवाला, दांडी से ऋषिकेश, रायवाला से हरिपुरकलां और दौड़वाला से दूधली तक के वन क्षेत्रों में नेटवर्क पहुंचाने में कठिनाइयां आ रही हैं।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि फुलसानी, दिरनाद और सिल्ला में नए 4जी मोबाइल टावर स्थापित करने के प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं।

4जी मोबाइल टावर सेचुरेशन परियोजना के तहत पहले 24 ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव स्वीकृत हुए थे। इनमें से 22 ग्राम पंचायतों में कनेक्टिविटी उपलब्ध करा दी गई है, जबकि रायपुर और सहसपुर क्षेत्र की एक-एक ग्राम पंचायत में वन भूमि संबंधी समस्या के कारण काम लंबित है।

भारतनेट परियोजना में भी कई ग्राम पंचायतों की कनेक्टिविटी प्रभावित

भारतनेट परियोजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के प्रथम चरण में जनपद की 209 ग्राम पंचायतों को कनेक्ट किया गया था। हालांकि, फाइबर केबल कटने के कारण वर्तमान में 69 ग्राम पंचायतों में कनेक्टिविटी प्रभावित है।

वहीं, परियोजना के दूसरे चरण में कुल 228 ग्राम पंचायतों में से 189 को कनेक्ट किया जा चुका है, जबकि शेष 39 ग्राम पंचायतों में नेटवर्क पहुंचाने का काम जारी है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को फाइबर केबल कटने से प्रभावित ग्राम पंचायतों में कनेक्टिविटी बहाल करने और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर संचार सुविधा उपलब्ध कराना जरूरी है और इसके लिए सभी संबंधित विभाग निर्धारित समयसीमा में काम पूरा करें।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, बीएसएनएल के डीजीएम रणवीर सिंह चौहान, एसडीई मोबाइल नीरज कुमार, मैनेजर डीआईसी सिद्धार्थ नेगी सहित विभिन्न दूरसंचार कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

 

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