Dehradun news: देहरादून में एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाने और शत-प्रतिशत होम डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के अनुपालन में पूरे जिले में क्षेत्रवार क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) का गठन किया गया है।
क्यूआरटी टीमों ने शनिवार को विभिन्न गैस एजेंसियों का निरीक्षण करते हुए एलपीजी गैस की मांग, आपूर्ति और वितरण व्यवस्था का जायजा लिया।
37 शिकायतें दर्ज, कंट्रोल रूम सक्रिय
जिला प्रशासन द्वारा जारी कंट्रोल रूम नंबर 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 पर अब तक कुल 37 शिकायतें एलपीजी गैस आपूर्ति से संबंधित प्राप्त हुई हैं।
इन शिकायतों के निस्तारण के लिए जिला खाद्य एवं पूर्ति विभाग, देहरादून के अधिकारी कंट्रोल रूम में मौजूद रहकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित कर रहे हैं।
आज की आपूर्ति का आंकड़ा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार को जिले में:
- 17,705 घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस सिलेंडर वितरित किए गए
- 384 व्यावसायिक उपभोक्ताओं को भी गैस आपूर्ति की गई
स्टॉक और बैकलॉग की स्थिति
- घरेलू गैस सिलेंडर का स्टॉक: 37,488
- व्यावसायिक सिलेंडर का स्टॉक: 1,616
- घरेलू गैस का बैकलॉग: लगभग 90,000
बैकलॉग का कारण क्या है?
प्रशासन के अनुसार, हाल ही में तीन दिनों तक बुकिंग सॉफ्टवेयर में तकनीकी समस्या (क्राइसिस) आ गई थी। इस दौरान गैस एजेंसियों ने मैन्युअल रजिस्टर में एंट्री कर उपभोक्ताओं को सिलेंडर वितरित किए।
अब इन मैन्युअल एंट्री को सॉफ्टवेयर में अपडेट किया जा रहा है, जिनकी संख्या लगभग 25,000 से अधिक है। यही वजह है कि वर्तमान में बैकलॉग बढ़ा हुआ है।
आगे की रणनीति
जिला प्रशासन द्वारा घरेलू और व्यावसायिक दोनों प्रकार के एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई लगातार बढ़ाई जा रही है, ताकि जल्द से जल्द बैकलॉग को खत्म किया जा सके और उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध हो सके।













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