Uttarakhand news: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से महिला उत्पीड़न का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी नेता को तीन दिन के भीतर पीड़िता से मिलकर मामले का समाधान निकालने का निर्देश दिया है।
मामला भतरौंजखान थाना क्षेत्र का है, जहां एक सरकारी कर्मचारी महिला ने एक स्थानीय नेता के खिलाफ शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक और आर्थिक शोषण करने का आरोप लगाया है। महिला की तहरीर पर पुलिस ने जालसाजी, धोखाधड़ी और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
हाईकोर्ट का निर्देश और सुनवाई
उत्तराखंड हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ में हुई। आरोपी की ओर से दर्ज मुकदमे को निरस्त करने की मांग की गई थी, लेकिन कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए तुरंत राहत देने से इनकार कर दिया।
कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए आरोपी को निर्देश दिया कि वह तीन दिन के भीतर पीड़िता से मिलकर विवाह से जुड़े विवाद का समाधान निकालने का प्रयास करे। मामले की अगली सुनवाई 27 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है।
9 साल तक शादी का झांसा देने का आरोप
पीड़िता के अनुसार, करीब 9 वर्ष पहले आरोपी उसे अल्मोड़ा के चितई गोल्ज्यू मंदिर ले गया था और विवाह का भरोसा दिलाया था। हालांकि, विवाह की कोई कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं की गई और आरोपी लगातार बहाने बनाकर शादी टालता रहा।
महिला का आरोप है कि इस दौरान दोनों के बीच संबंध बने रहे और आरोपी उसके साथ विभिन्न स्थानों पर घूमता-फिरता रहा। इतना ही नहीं, वह कई बार महिला के घर पर भी रहा और परिवार से भी परिचित था।
लाखों रुपये लेने का भी आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी नेता ने महिला के सरकारी पद का लाभ उठाते हुए उससे गाड़ी, कपड़े, मकान का किराया और अन्य निजी खर्चों के नाम पर लाखों रुपये लिए।
महिला का कहना है कि जब उसने शादी को कानूनी रूप देने और रजिस्ट्रेशन की बात की, तो आरोपी और उसके परिवार ने साफ मना कर दिया।
दूसरी शादी की तैयारी और धमकी का आरोप
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी अब किसी दूसरी महिला से विवाह करने की तैयारी कर रहा है। उसे सोशल मीडिया के माध्यम से इस संबंध में जानकारी मिली।
जब महिला ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उसे धमकाते हुए कहा कि वह जो करना चाहती है, कर सकती है।
कानूनी कार्रवाई और केस दर्ज
इन घटनाओं से परेशान होकर महिला ने 9 मार्च 2026 को भतरौंजखान थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह मामला न केवल महिला उत्पीड़न का गंभीर उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि लंबे समय तक झूठे वादों के जरिए शोषण कैसे किया जा सकता है। फिलहाल सभी की नजरें 27 मार्च को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस मामले में आगे की दिशा तय होगी।













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