देहरादून में इंसानियत की मिसाल, कैंसर पीड़ित परिवार का पूरा कर्ज उतार गया प्रशासन

सविन बंसल के नेतृत्व में जिला प्रशासन देहरादून ने एक बार फिर मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए आर्थिक संकट से जूझ रहे कैंसर पीड़ित परिवार को बड़ी राहत प्रदान की है। जिला प्रशासन ने सीएसआर फंड के माध्यम से परिवार पर बकाया करीब 71 हजार रुपये का ऋण जमा कराकर उन्हें कर्जमुक्त किया, वहीं रायफल क्लब मद से 50 हजार रुपये की अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई।

देहरादून के रायपुर विकासखंड अंतर्गत मालदेवता निवासी संध्या रमोला ने जिलाधिकारी के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर अपनी आर्थिक और पारिवारिक स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि उनके पति गले के कैंसर से पीड़ित हैं और उनका उपचार हिमालय अस्पताल में चल रहा है। लगातार कीमोथेरेपी और गंभीर बीमारी के चलते उनके पति काम करने में असमर्थ हो गए हैं, जिससे परिवार की आय पूरी तरह प्रभावित हो गई।

संध्या रमोला ने बताया कि उनके दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें एक की उम्र करीब तीन वर्ष और दूसरा छह वर्ष का है। इलाज, दवाइयों और घरेलू खर्चों के कारण परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। उन्होंने वर्ष 2024 और 2025 में स्वरोजगार और स्वयं सहायता समूह संचालन के लिए बैंक से ऋण लिया था, लेकिन पति की बीमारी के कारण वे किश्तें जमा नहीं कर सकीं। इसके चलते बैंक द्वारा लगभग 71 हजार रुपये जमा करने का नोटिस जारी किया गया था और लगातार दबाव बनाए जाने से परिवार मानसिक तनाव में भी था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने तत्काल राहत प्रदान करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने सीएसआर फंड से पूरी ऋण राशि सीधे संबंधित खाते में जमा कराई और बैंक को नो ड्यूज प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त रायफल क्लब मद से संध्या रमोला के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप जरूरतमंद, असहाय और आकस्मिक संकट का सामना कर रहे परिवारों तक हरसंभव सहायता पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाता है तो जिला प्रशासन अपने स्तर पर मदद उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों, दिव्यांगजनों, निराश्रित महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विभिन्न माध्यमों से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन की यह पहल संवेदनशील शासन व्यवस्था और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रभावी उदाहरण बनकर सामने आ रही है।

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