आशीष कुमार भटगांई ने प्रशासनिक कार्यों की गोपनीयता और अनुशासन बनाए रखने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब कलेक्ट्रेट सभागार, जनसुनवाई कक्ष और विभागीय बैठकों में आने वाले आम लोगों को अपना मोबाइल फोन बाहर ही जमा कराना होगा। बिना अनुमति वीडियो रिकॉर्डिंग और मोबाइल से शूटिंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
प्रशासनिक गोपनीयता बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश
25 मई 2026 को जारी सूचना विभाग के प्रेस नोट के अनुसार, जिलाधिकारी ने जितेन्द्र वर्मा को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनसुनवाई दिवस, विभागीय बैठकों और अन्य प्रशासनिक कार्यों के दौरान किसी भी व्यक्ति द्वारा अनधिकृत वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि कई बार बिना अनुमति बनाए गए वीडियो सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर वायरल कर दिए जाते हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यवाही की गंभीरता और गोपनीयता प्रभावित होती है। ऐसे मामलों को अब किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कलेक्ट्रेट और जनसुनवाई कक्ष में मोबाइल ले जाने पर रोक
नई व्यवस्था के तहत कलेक्ट्रेट सभागार, जनसुनवाई कक्ष और विभागीय बैठकों में प्रवेश से पहले आम व्यक्तियों के मोबाइल फोन सुरक्षित रूप से बाहर जमा कराए जाएंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे बैठकों और शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित, अनुशासित और प्रभावी ढंग से संचालित हो सकेगी।
नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करते हुए अनधिकृत वीडियो रिकॉर्डिंग करता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, सूचना विभाग और अधिकृत पत्रकारों को उनके निर्धारित दायित्वों के तहत आवश्यक कवरेज के लिए इस व्यवस्था से छूट दी गई है।












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