रिपोर्ट : नीरज उत्तराखंडी
मोरी/उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जनपद के मोरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम सभा गंगाड़ ने क्षेत्र में संचालित ट्रैकिंग गतिविधियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। शनिवार को ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में आयोजित खुली बैठक में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर विभिन्न ट्रैकिंग मार्गों पर कार्यरत ट्रैकिंग कंपनियों के लिए नए नियम एवं शर्तें लागू करने का निर्णय लिया।
ग्राम सभा के निर्णय के अनुसार गंगाड़ क्षेत्र से होकर गुजरने वाले जोन बाम्बे–रुईसारा ट्रैक, बाली पास ट्रैक, काला नाग (ब्लैक पीक) ट्रैक तथा धोनदार कांटी पास ट्रैक पर आने वाले प्रत्येक ट्रैकिंग दल के लिए स्थानीय विकास एवं पर्यावरण संरक्षण शुल्क के रूप में 2,000 रुपये प्रति ग्रुप ग्राम पंचायत में जमा करना अनिवार्य होगा।
पर्यावरण संरक्षण को दी गई प्राथमिकता
बैठक में पर्यावरण संरक्षण को लेकर कड़े निर्णय लिए गए। ग्राम सभा ने स्पष्ट किया कि सभी ट्रैकिंग कंपनियां अपने दल द्वारा उत्पन्न प्लास्टिक एवं अन्य कचरे को वापस लाने के लिए जिम्मेदार होंगी। ट्रैकिंग मार्गों, बुग्यालों तथा अन्य प्राकृतिक स्थलों पर किसी भी प्रकार का कचरा छोड़ना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
नियम उल्लंघन पर 50 हजार रुपये तक जुर्माना
ग्राम सभा द्वारा पारित प्रस्ताव के अनुसार धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों की गरिमा बनाए रखना सभी ट्रैकिंग दलों के लिए अनिवार्य होगा। साथ ही बिना अनुमति स्थायी कैंप स्थापित करने पर भी रोक लगाई गई है।
यदि कोई ट्रैकिंग कंपनी निर्धारित नियमों का उल्लंघन करती है तो उसके खिलाफ ग्राम सभा द्वारा 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। गंभीर मामलों में संबंधित कंपनी के भविष्य में ग्राम सभा क्षेत्र में ट्रैक संचालन पर प्रतिबंध लगाने की संस्तुति भी की जा सकती है।
जल स्रोतों और बुग्यालों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
ग्राम सभा ने क्षेत्र के जल स्रोतों, बुग्यालों तथा चारागाहों को प्रदूषण से बचाने के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। प्रस्ताव में इन संवेदनशील प्राकृतिक क्षेत्रों को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है।
इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले निर्देशों का पालन करना भी सभी ट्रैकिंग कंपनियों के लिए अनिवार्य होगा।
12 जून तक शुल्क जमा करने के निर्देश
ग्राम सभा ने सभी ट्रैकिंग कंपनियों को निर्देशित किया है कि वे 12 जून 2026 तक प्रति ग्रुप 2,000 रुपये का निर्धारित शुल्क ग्राम प्रधान के माध्यम से ग्राम पंचायत में जमा कराना सुनिश्चित करें।
ग्रामीणों का कहना है कि इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों, बुग्यालों, जल स्रोतों और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना तथा ट्रैकिंग गतिविधियों को अधिक जिम्मेदार एवं व्यवस्थित बनाना है।












Leave a Reply