नई टिहरी। टिहरी गढ़वाल के प्रतापनगर क्षेत्र में 18 वर्षीय दलित युवक केतन लाल की कथित रूप से प्रेम प्रसंग के चलते हुई निर्मम हत्या के बाद पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। घटना के विरोध में परिजनों, ग्रामीणों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने जिला अस्पताल बौराड़ी में प्रदर्शन करते हुए न्याय की मांग की। परिजनों ने साफ कहा कि जब तक मामले में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
पोस्टमार्टम के बाद भी अस्पताल में रखा रहा शव
मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे जिला अस्पताल बौराड़ी में केतन लाल के शव का पोस्टमार्टम किया गया। इसके बावजूद देर रात तक परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने अभी तक मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है।
ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि घटना अत्यंत गंभीर है और दोषियों को जल्द से जल्द कठोर सजा मिलनी चाहिए।
जिला अस्पताल में दिनभर चला प्रदर्शन
घटना के विरोध में भीम आर्मी, स्थानीय ग्रामीणों और अन्य सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जिला अस्पताल परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने निम्न मांगें उठाईं—
- सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी
- एससी-एसटी एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई
- मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई
- दोषियों को कठोरतम सजा
प्रदर्शन के दौरान प्रशासन और पुलिस के खिलाफ भी नारेबाजी की गई।
डीएम और एसएसपी ने दिया निष्पक्ष जांच का आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
प्रशासन की ओर से मृतक के परिवार को विभिन्न मदों में कुल 8 लाख 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत किए जाने की जानकारी भी दी गई।
उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान
केतन हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया है।
आयोग ने टिहरी गढ़वाल के एसएसपी को नोटिस जारी कर 15 जून तक विस्तृत जांच रिपोर्ट, अभिलेख और साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग अधिनियम-2003 की धारा 11 के तहत मामले की जांच कराने का निर्णय लिया है। साथ ही धारा 12 के तहत निर्धारित समय में रिपोर्ट न मिलने पर एसएसपी को आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश भी दिए जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री को भेजा गया ज्ञापन
मामले में न्याय की मांग को लेकर मूल निवासी संगठन, भीम आर्मी और आंबेडकर जन विकास समिति घनसाली ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजा है।
यह ज्ञापन एसडीएम घनसाली मंजू राजपूत के माध्यम से प्रेषित किया गया। संगठनों ने इसे जातीय उत्पीड़न से जुड़ा मामला बताते हुए दोषियों को शीघ्र कठोर सजा दिलाने की मांग की है।
दो आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए
एसएसपी श्वेता चौबे के अनुसार पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी यशवीर पंवार और उसके पिता विद्या सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
न्यायालय के आदेश पर दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच सीओ महेश लखेड़ा के नेतृत्व में की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मृतक के पिता ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के पिता धनपाल लाल ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। उनका दावा है कि आरोपियों ने केतन के पैरों में कील ठोंकी थी, जिससे उसे असहनीय पीड़ा हुई और बाद में उसकी मौत हो गई।
हालांकि, इस आरोप की अभी तक पुलिस या पोस्टमार्टम रिपोर्ट से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।
धनपाल लाल ने कहा कि उनके बेटे की निर्मम हत्या की गई है और घटना में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार कर कठोरतम सजा दी जानी चाहिए।
प्रतापनगर समेत पूरे टिहरी में बढ़ा तनाव
केतन लाल हत्याकांड के बाद प्रतापनगर और आसपास के क्षेत्रों में आक्रोश का माहौल है। सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
फिलहाल प्रशासन और पुलिस हालात पर नजर बनाए हुए हैं तथा मामले की जांच जारी है।
प्रतापनगर के दलित युवक केतन लाल की हत्या ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर दिया है। एक ओर परिजन न्याय की मांग पर अड़े हैं, वहीं दूसरी ओर अनुसूचित जाति आयोग के स्वतः संज्ञान लेने से मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। अब सबकी नजर पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई है कि पीड़ित परिवार को कब और किस रूप में न्याय मिलता है।












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