मसूरी में मेडिकल स्टोरों पर बड़ी कार्रवाई, एक्सपायर दवाइयां और लाइसेंस की गड़बड़ी मिली; 3 पर लगा ताला

देहरादून। आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराने और मेडिकल स्टोरों में औषधि बिक्री से जुड़े वैधानिक नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार को मसूरी क्षेत्र में मेडिकल स्टोरों का संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया।

उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के निर्देशों के क्रम में ‘सेफ ड्रग्स-सेफ लाइफ’ अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। निरीक्षण टीम ने कई मेडिकल स्टोरों में फार्मासिस्ट की उपलब्धता, दवाइयों के रखरखाव, एक्सपायर दवाओं, लाइसेंस, अभिलेख, फ्रिज एवं तापमान व्यवस्था, नारकोटिक्स दवाओं के रिकॉर्ड और CCTV जैसी व्यवस्थाओं की जांच की।

पांच मेडिकल स्टोरों का किया गया निरीक्षण

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की सचिव सीमा डुंगराकोटी के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मानेन्द्र सिंह राणा और औषधि निरीक्षक विनोद जुगलान शामिल रहे।

टीम ने मसूरी क्षेत्र के पांच मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई प्रतिष्ठानों में औषधि बिक्री से जुड़े नियमों के उल्लंघन और व्यवस्थागत कमियां सामने आईं।

हैमर्स मेडिकोज में फार्मासिस्ट अनुपस्थित, एक्सपायर दवाइयां मिलीं

हैमर्स मेडिकोज में निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिला। जांच में एक्सपायर दवाइयां अन्य दवाओं के साथ रखी हुई मिलीं। मेडिकल स्टोर में दवाइयों के अलावा दैनिक उपभोग की कई अन्य वस्तुएं भी बिक्री के लिए रखी गई थीं।

इसके अलावा स्टोर में CCTV कैमरे नहीं मिले और रैक में साफ-सफाई का भी अभाव पाया गया। टीम ने अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए स्टोर में दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी और संचालक को नोटिस का जवाब देने के निर्देश दिए। संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

पायनियर मेडिकल स्टोर में एक्सपायर दवाओं का रखरखाव मिला अव्यवस्थित

पायनियर मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट और स्टोर मालिक मौजूद मिले। हालांकि, एक्सपायर दवाइयों के रखरखाव में कमी पाई गई। दवाइयों के साथ अन्य सामान भी बिक्री के लिए रखा गया था।

स्टोर का फ्रिज चालू स्थिति में था, लेकिन उसमें तापमान प्रदर्शित करने की व्यवस्था नहीं थी। संचालक ने टीम को बताया कि एक्सपायर दवाइयां संबंधित कंपनी को वापस की जा चुकी हैं। वहीं नारकोटिक्स दवाओं के क्रय-विक्रय से संबंधित रिकॉर्ड टीम के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अधिकारियों ने संचालक को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

अग्रवाल मेडिकोज में फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवा बिक्री का मामला

अग्रवाल मेडिकोज में स्टोर मालिक मौजूद था, जबकि फार्मासिस्ट अवकाश पर थी। निरीक्षण में फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति के दौरान दवाओं की बिक्री किए जाने की बात सामने आई।

इसके अलावा फ्रिज में रखी वैक्सीन निर्धारित तापमान पर नहीं मिली। अन्य दवाओं के साथ एक्सपायर दवाइयां भी रखी गई थीं। कई दवाइयां कटी हुई अवस्था में मिलीं और स्टोर में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी।

गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए टीम ने स्टोर बंद कराते हुए दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी।

ऑप्टिशियन मेडिकल स्टोर का फ्रिज मिला खराब

ऑप्टिशियन मेडिकल स्टोर में भी फार्मासिस्ट अनुपस्थित पाई गई। निरीक्षण के दौरान एक्सपायर दवाइयों का रखरखाव अव्यवस्थित मिला। साथ ही दवाओं को सुरक्षित तापमान पर रखने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला फ्रिज खराब अवस्था में पाया गया।

टीम ने संचालक को फ्रिज बदलने के निर्देश दिए। अनियमितताओं को देखते हुए स्टोर को तत्काल बंद कराया गया और दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी गई।

ए. जेम्स एंड कंपनी का लाइसेंस मिला एक्सपायर

ए. जेम्स एंड कंपनी मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट और स्टोर मालिक मौजूद मिले। निरीक्षण के दौरान जब मेडिकल स्टोर का लाइसेंस मांगा गया तो संचालक लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका।

जांच में लाइसेंस की अवधि समाप्त होना पाया गया। नवीनीकरण से संबंधित आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए गए। इसके अलावा एक्सपायर दवाइयां अन्य दवाओं के साथ रखी मिलीं और दवाओं के क्रय-विक्रय से जुड़े अभिलेख भी व्यवस्थित नहीं थे।

रैक में साफ-सफाई का भी अभाव पाया गया। टीम ने स्टोर की सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरी होने तक दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगाने के निर्देश दिए।

जनस्वास्थ्य और नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि इस तरह के निरीक्षण का उद्देश्य केवल नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य और उनके वैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।

प्राधिकरण के अनुसार दवाइयों की गुणवत्ता, सुरक्षित भंडारण और सही तरीके से वितरण का सीधा संबंध नागरिकों के स्वास्थ्य से है। इसलिए औषधि संबंधी नियमों के पालन में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

दूरस्थ और पर्यटन क्षेत्रों में भी होगी निगरानी

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि प्राधिकरण जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर निरंतर निगरानी और जागरूकता के लिए कार्य कर रहा है।

उन्होंने कहा कि आमजन के स्वास्थ्य और मूलभूत अधिकारों की सुरक्षा प्राधिकरण की प्राथमिकताओं में शामिल है। विशेष रूप से दूरस्थ और पर्यटन क्षेत्रों में संचालित स्वास्थ्य एवं औषधि संबंधी प्रतिष्ठानों में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

 

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