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किच्छा में हरीश रावत के ‘लाठी’ बयान पर सियासी घमासान, BJP का पलटवार- कांग्रेस लाठी लाएगी तो हम फूल लेकर पहुंचेंगे

रुद्रपुर: उत्तराखंड की सियासत में किच्छा नगर पालिका चुनाव की मतगणना से पहले बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत के एक बयान ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। किच्छा में कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ के आवास पर पहुंचे हरीश रावत ने पार्टी कार्यकर्ताओं से मतगणना के दिन छोटी-छोटी लाठियां लेकर पहुंचने की अपील की। उनके इस बयान पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है।

हरीश रावत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आशंका जताई कि कहीं भाजपा चुनावी नतीजों को प्रभावित करने या जीत को ‘लूटने’ का प्रयास न करे। इसी के मद्देनजर उन्होंने कार्यकर्ताओं से मतगणना के दौरान सतर्क रहने और छोटी लाठियां लेकर पहुंचने की बात कही।

हरीश रावत के इस बयान के बाद भाजपा ने कांग्रेस की राजनीतिक शैली और गांधीवादी विचारधारा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजेश शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस खुद को गांधीवादी विचारधारा वाला दल बताती है, लेकिन उसके वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं से लाठी लेकर मतगणना स्थल पर पहुंचने की अपील कर रहे हैं।

राजेश शुक्ला ने कहा कि मतगणना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसे शांतिपूर्ण तरीके से पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि आखिर कार्यकर्ताओं को लाठी लेकर मतगणना में पहुंचने की जरूरत क्यों पड़ रही है।

बीजेपी प्रवक्ता ने तंज कसते हुए कहा कि अगर कांग्रेस के कार्यकर्ता लाठी लेकर आएंगे तो भाजपा कार्यकर्ता फूल लेकर पहुंचेंगे। उनके इस बयान के बाद किच्छा की राजनीति में ‘लाठी बनाम फूल’ की चर्चा तेज हो गई है।

किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव की मतगणना को लेकर प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की है। मतगणना केंद्रों पर पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई है, ताकि चुनाव परिणाम घोषित होने के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो। प्रशासन की कोशिश है कि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो।

दरअसल, किच्छा नगर पालिका चुनाव की मतगणना से पहले ही राजनीतिक माहौल संवेदनशील बना हुआ है। ऐसे में हरीश रावत के लाठी वाले बयान और भाजपा के फूल वाले पलटवार ने स्थानीय सियासत में नई बहस छेड़ दी है। अब सबकी नजर मतगणना और उसके बाद दोनों दलों के कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया पर टिकी है।

 

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