
नई दिल्ली। देश के मीडिया और मनोरंजन उद्योग से जुड़ी दो बड़ी खबरों ने हलचल मचा दी है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने साधना ग्रुप के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक राकेश कुमार गुप्ता को कथित धनशोधन मामले में गिरफ्तार किया है। वहीं, मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र की कंपनी प्राइम फोकस लिमिटेड के कुछ कार्यालयों में आयकर विभाग ने तलाशी अभियान चलाया है। एक मामले में कथित वित्तीय अनियमितताओं और धनशोधन की जांच चल रही है, जबकि दूसरे मामले में आयकर विभाग की कार्रवाई के निष्कर्ष अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं।
दोनों मामलों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई अलग-अलग है। ऐसे में आरोपों और जांच के तथ्यों को अंतिम रूप से साबित अपराध से अलग समझना जरूरी है।
साधना ग्रुप के चेयरमैन राकेश कुमार गुप्ता गिरफ्तार, 168 करोड़ रुपये की कथित आय की जांच
प्रवर्तन निदेशालय ने साधना ग्रुप के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक राकेश कुमार गुप्ता को 9 अक्टूबर 2026 की रात धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 63 वर्षीय गुप्ता को 10 अक्टूबर की सुबह अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की ED हिरासत में भेज दिया गया।

समाचार एजेंसी PTI पर आधारित मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ED ने अदालत से सात दिन की हिरासत मांगी थी, लेकिन अदालत ने पांच दिन की अनुमति दी। गुप्ता को 15 अक्टूबर को शाम चार बजे तक दोबारा अदालत में पेश करने का निर्देश दिया गया।
क्या है 168 करोड़ रुपये का पूरा मामला?
जांच एजेंसी के अनुसार, इस प्रकरण में करीब 168 करोड़ रुपये की कथित अपराध से अर्जित आय का मामला है। जांच का संबंध साधना मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की दिवाला प्रक्रिया, आयकर विभाग के बकाये के कथित निपटारे और कंपनी से जुड़े वित्तीय लेनदेन में कथित अनियमितताओं से बताया गया है।
मामले के विवरण के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने सितंबर 2026 में इस प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि साधना मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की दिवाला प्रक्रिया के दौरान करीब 110.10 करोड़ रुपये के आयकर बकाये का कथित तौर पर महज 20 लाख रुपये में निपटारा किया गया।
आरोपों में यह भी कहा गया है कि संबंधित लेनदारों के माध्यम से दिवाला प्रक्रिया को प्रभावित किया गया और कंपनी से जुड़े वित्तीय लेनदेन में अनियमितताएं हुईं। जांच से संबंधित दस्तावेजों में कंपनी के पुनर्विक्रय से जुड़े दो करोड़ रुपये से अधिक की नकदी को क्रिप्टोकरेंसी या हवाला माध्यम से प्राप्त करने और संबंधित पक्षों को भुगतान किए जाने के आरोपों का भी उल्लेख है।
इसके अलावा, साधना ब्रॉडकास्ट के शेयरों में कथित हेरफेर से संबंधित भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) की मई 2025 की कार्रवाई का संदर्भ भी सामने आया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जांच दस्तावेजों में करीब 58 करोड़ रुपये की देनदारी से संबंधित आदेश का भी उल्लेख किया गया है।
बचाव पक्ष ने रखी अपनी दलील
अदालत में बचाव पक्ष ने दलील दी कि गुप्ता के खिलाफ SEBI या आयकर विभाग की ओर से शिकायत नहीं थी और उन्हें आयकर विभाग से नो-ड्यूज प्रमाणपत्र भी मिला था। बचाव पक्ष ने संबंधित आदेशों और कार्यवाही का हवाला देते हुए अपना पक्ष रखा।
हालांकि, अदालत ने ED की मांग पर पांच दिन की हिरासत मंजूर कर दी। मामले में आगे की जांच कथित धनशोधन, दिवाला प्रक्रिया और संबंधित वित्तीय लेनदेन पर केंद्रित रहेगी।
ध्यान देने वाली बात यह है कि 168 करोड़ रुपये की राशि कथित अपराध से अर्जित आय से संबंधित है। इसे अदालत द्वारा सिद्ध गबन या अंतिम रूप से प्रमाणित धनशोधन की रकम नहीं माना जाना चाहिए। मामले में आरोपों का अंतिम न्यायिक परीक्षण होना बाकी है।
प्राइम फोकस के दफ्तरों पर आयकर विभाग की तलाशी, कंपनी ने NSE को दी जानकारी
मुंबई। मीडिया और मनोरंजन उद्योग में दूसरी बड़ी खबर प्राइम फोकस लिमिटेड से जुड़ी है। विजुअल इफेक्ट्स (VFX), एनीमेशन और पोस्ट-प्रोडक्शन सेवाएं देने वाली इस कंपनी के कुछ कार्यालयों में आयकर विभाग ने 7 अक्टूबर 2026 की सुबह तलाशी अभियान शुरू किया था।
कंपनी ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को दिए आधिकारिक स्पष्टीकरण में तलाशी की पुष्टि की। कंपनी के अनुसार, आयकर विभाग ने आयकर अधिनियम, 2025 के प्रावधानों के तहत उसके कुछ कार्यालयों में कार्रवाई शुरू की थी।
कंपनी ने बताया कि स्पष्टीकरण जारी किए जाने के समय तलाशी जारी थी। साथ ही, कंपनी को उस समय तक आयकर विभाग से ऐसा कोई आधिकारिक पत्राचार प्राप्त नहीं हुआ था, जिसमें जांच के निष्कर्ष, कर मांग या किसी कथित उल्लंघन का विवरण दिया गया हो।
तलाशी की खबर के बाद शेयर में गिरावट
प्राइम फोकस के कार्यालयों में तलाशी की खबर सामने आने के बाद कंपनी के शेयर में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
Business Today की रिपोर्ट के अनुसार, 7 अक्टूबर को कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर गिरकर 265.30 रुपये तक पहुंच गया। यह पिछले बंद भाव 293.20 रुपये से 9.51 प्रतिशत कम था।
हालांकि, बाद में शेयर में कुछ सुधार हुआ और यह 285.05 रुपये पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 2.78 प्रतिशत की गिरावट थी।
शेयर बाजार में आई गिरावट को तलाशी की खबर के बाद निवेशकों की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, केवल शेयर की कीमत में गिरावट के आधार पर कंपनी के खिलाफ किसी आरोप को सही नहीं माना जा सकता।
विदेशी धन हस्तांतरण की अटकलें, जांच के नतीजे अभी स्पष्ट नहीं
मीडिया रिपोर्टों में आयकर विभाग की तलाशी को विदेशों में धन हस्तांतरण से जुड़ी संभावित अनियमितताओं की जांच से जोड़ा गया है। हालांकि, कंपनी ने अपने आधिकारिक स्पष्टीकरण में कहा कि उसे जांच के विषय में विस्तृत जानकारी नहीं मिली थी और वह इस संबंध में अटकलें नहीं लगाना चाहती।
कंपनी के मुताबिक, वह आयकर विभाग के अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है और मांगे गए दस्तावेज, जानकारी तथा स्पष्टीकरण उपलब्ध करा रही है। कंपनी ने यह भी कहा कि तलाशी के बावजूद उसका व्यावसायिक परिचालन प्रभावित नहीं हुआ और कारोबार सामान्य रूप से जारी रहा।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर प्राइम फोकस के खिलाफ कर चोरी या विदेशी धन हस्तांतरण में अनियमितता साबित होने का दावा नहीं किया जा सकता। जांच के निष्कर्ष और किसी संभावित कर मांग को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
मीडिया उद्योग में वित्तीय जांच से बढ़ी हलचल
साधना ग्रुप और प्राइम फोकस से जुड़े दोनों मामले मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग में वित्तीय लेनदेन, कॉरपोरेट प्रक्रियाओं और नियामकीय अनुपालन की अहमियत को सामने लाते हैं।
साधना ग्रुप के मामले में ED ने कथित धनशोधन की जांच के तहत गिरफ्तारी की है और अदालत ने आरोपी को हिरासत में भेजा है। वहीं, प्राइम फोकस के मामले में आयकर विभाग की तलाशी की पुष्टि कंपनी ने की है, लेकिन जांच के निष्कर्ष अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं।
दोनों मामलों में आगे की कार्रवाई और जांच एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी पर नजर रहेगी। जब तक जांच पूरी नहीं होती और आरोप न्यायिक प्रक्रिया में साबित नहीं होते, तब तक किसी भी आरोप को अंतिम निष्कर्ष के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।















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