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अंकिता भंडारी केस में AAP का आर-पार! CBI दफ्तर पहुंची उमा गौड़ सिसोदिया, माता-पिता की गिरफ्तारी पर उठाई आवाज़

देहरादून में सीबीआई कार्यालय पहुंची आम आदमी पार्टी; प्रदेश अध्यक्ष उमा गौड़ सिसोदिया बोलीं—अंकिता को न्याय दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग जारी रहेगी

देहरादून। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी प्रकरण में न्याय की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) उत्तराखंड ने देहरादून में सीबीआई कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष उमा गौड़ सिसोदिया के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी के माता-पिता की दिल्ली में हुई गिरफ्तारी, मामले की जांच में कथित देरी और प्रकरण से जुड़े सवालों को लेकर नाराजगी जताई। इस दौरान दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने पर भी पार्टी ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने मांग की कि अंकिता भंडारी मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जाए। पार्टी ने कहा कि प्रकरण से जुड़े कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब जांच के माध्यम से सामने आना चाहिए और किसी भी व्यक्ति को उसके राजनीतिक पद या प्रभाव के कारण जांच से बाहर नहीं रखा जाना चाहिए।

उमा गौड़ सिसोदिया भावुक, बोलीं—यह उत्तराखंड की बेटियों के सम्मान की लड़ाई

प्रदर्शन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष उमा गौड़ सिसोदिया भावुक नजर आईं। उन्होंने अंकिता भंडारी को उत्तराखंड की बेटी बताते हुए कहा कि यह लड़ाई केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय से जुड़ी है।

उन्होंने कहा कि अंकिता के माता-पिता को न्याय की मांग के लिए कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है, जो बेहद पीड़ादायक है। उनके मुताबिक, परिवार की पीड़ा को समझना और उनकी आवाज को मजबूती से उठाना समाज तथा सरकार की जिम्मेदारी है।

उमा गौड़ सिसोदिया ने कहा कि उत्तराखंड की जनता लंबे समय से इस मामले में पूर्ण पारदर्शिता और न्याय की मांग कर रही है। जनता के मन में उठ रहे सवालों का समाधान तथ्यों को सामने लाकर और निष्पक्ष जांच के जरिए ही किया जा सकता है। उन्होंने मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की मांग की।

दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने पर जताया विरोध

आम आदमी पार्टी ने दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने पर भी आपत्ति जताई। पार्टी नेताओं का कहना था कि अंकिता भंडारी प्रकरण उत्तराखंड की जनता की भावनाओं से जुड़ा संवेदनशील मामला है। ऐसे में मामले से जुड़े कथित वीआईपी को लेकर उठ रहे सवालों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

पार्टी ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आरोपों और सवालों की जांच तथ्यों तथा कानून के आधार पर होनी चाहिए। हालांकि, कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से ही हो सकेगी।

न्याय की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखने का ऐलान

आम आदमी पार्टी के मीडिया प्रभारी विपिन खन्ना ने कहा कि पार्टी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर अपनी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि अंकिता के परिवार को न्याय की लड़ाई में अकेला नहीं छोड़ा जाना चाहिए।

पार्टी के वरिष्ठ नेता श्याम बाबू पाण्डेय ने भी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने, उसके माता-पिता के सम्मान और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि इन मांगों को लेकर पार्टी का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

ये नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद

विरोध प्रदर्शन में युवा मोर्चा अध्यक्ष हिमांशु पुण्डीर, प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष मंजू शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष सुधा पटवाल, शैलेश तिवारी, विनोद बजाज, गणेश कुड़ियाल, छात्र इकाई अध्यक्ष अक्षय शर्मा, अशोक सेमवाल, सीपी सिंह, विजय कुमार, रेखा सिंह, अफसाना, सोनिया, राजीव तोमर, ज्योति, विजय भूषण, वंश भूषण, शिवम, आशीष, गौरव और प्रीतम जोशी सहित आम आदमी पार्टी के अनेक कार्यकर्ता शामिल रहे।

 

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