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उत्तराखंड में वन विभाग की ट्रांसफर लिस्ट जारी, 5 IFS अफसर इधर से उधर—कॉर्बेट से राजाजी तक बड़ा बदलाव

देहरादून: उत्तराखंड में वन विभाग के भीतर एक बार फिर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। शासन ने भारतीय वन सेवा (IFS) के पांच अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इन बदलावों में APCCF से लेकर DFO स्तर तक के अधिकारियों के कार्यक्षेत्र प्रभावित हुए हैं। आदेश के तहत अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनमें कॉर्बेट टाइगर रिजर्व, तराई पूर्वी वन प्रभाग और पिथौरागढ़ जैसे महत्वपूर्ण वन क्षेत्रों में तैनाती में बदलाव शामिल हैं।

बताया गया है कि इन तबादलों के पीछे प्रशासनिक जरूरत, जनहित, पारिवारिक परिस्थितियों और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखा गया है।

इन पांच IFS अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी

1. नरेश कुमार को मिली नई प्रशासनिक जिम्मेदारी

नरेश कुमार को प्रशासन में मुख्य तैनाती दी गई है। इसके साथ ही उनके पास जायका परियोजना का अतिरिक्त प्रभार भी बना रहेगा।

2. दीपक कुमार को पिथौरागढ़ की जिम्मेदारी

दीपक कुमार को तराई पूर्वी वन प्रभाग से हटाकर पिथौरागढ़ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे इस क्षेत्र की संवेदनशीलता और प्रशासनिक जरूरतों को इस बदलाव की वजह बताया गया है।

3. राहुल मिश्र को तराई पूर्वी वन प्रभाग भेजा गया

राहुल मिश्र को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक पद से हटाकर तराई पूर्वी वन प्रभाग, हल्द्वानी में तैनात किया गया है। इस बदलाव के पीछे जनहित और विभागीय कामकाज को बेहतर ढंग से संचालित करने का हवाला दिया गया है।

4. आदित्य रत्न को हल्द्वानी में नई जिम्मेदारी

आदित्य रत्न को पिथौरागढ़ से स्थानांतरित कर हल्द्वानी में उपवन संरक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह तबादला पारिवारिक परिस्थितियों के चलते उनके अनुरोध पर किया गया बताया गया है।

5. शिरीन संजय बनीं कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की उपनिदेशक

शिरीन संजय को राजाजी राष्ट्रीय पार्क के उपनिदेशक पद से हटाकर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का उपनिदेशक बनाया गया है। कॉर्बेट की संवेदनशीलता, वन्यजीव संरक्षण और प्रशासनिक कार्यों के प्रभावी संचालन को इस बदलाव का आधार बताया गया है।

वन विभाग में हुए इन बदलावों के बाद अब संबंधित अधिकारियों की नई तैनाती के साथ विभागीय कामकाज आगे बढ़ेगा। हालांकि, तबादलों से जुड़ी सभी प्रशासनिक जानकारियों और पदनामों की पुष्टि शासन के आधिकारिक आदेश से किया जाना जरूरी है।

 

 

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