नगरासू गुरुद्वारे में हाई वोल्टेज ड्रामा: चार निहंग अब भी डटे, समाधान की आखिरी कोशिश जारी

रुद्रप्रयाग। नगरासू स्थित दमदमा साहिब गुरुद्वारे में पिछले तीन दिनों से चल रहा विवाद अब समाधान की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। गुरुद्वारे की तीसरी और चौथी मंजिल पर डटे सात निहंगों में से तीन नीचे उतर चुके हैं, जबकि चार निहंग अभी भी छत पर मौजूद हैं। मंगलवार को बातचीत के लिए चार सदस्यीय जत्था गुरुद्वारे के भीतर पहुंचा, जिससे गतिरोध खत्म होने की उम्मीद बढ़ गई है।

समाधान की उम्मीद, वार्ता के लिए पहुंचा चार सदस्यीय जत्था

शनिवार से जारी तनाव के बीच मंगलवार को एक चार सदस्यीय जत्था निहंगों से बातचीत करने के लिए गुरुद्वारे के अंदर पहुंचा। जत्थे के सदस्यों ने प्रवेश से पहले कहा कि उत्तराखंड के लोग उनके भाई हैं और वे शांतिपूर्ण समाधान के लिए आए हैं।

इसी दौरान एक वाहन भी गुरुद्वारे परिसर में पहुंचा, जिससे संकेत मिले कि वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस और गुरुद्वारा प्रबंधन की मौजूदगी में बातचीत का दौर जारी है।

सात में से तीन निहंग नीचे आए, चार अब भी छत पर मौजूद

जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात प्रशासन के समझाने पर एक निहंग नीचे उतर आया था। सोमवार सुबह दो अन्य निहंग भोजन लेने के लिए लंगर स्थल तक पहुंचे। इनमें से एक भोजन लेकर वापस चला गया, जबकि दूसरे को पुलिस ने मौके पर ही रोक लिया।

इसके बाद दो निहंगों को पुलिस प्रशासन ने उनके गंतव्य की ओर रवाना कर दिया। फिलहाल चार निहंग गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिलों पर डटे हुए हैं।

तलवार लहराने और पत्थरबाजी की भी सामने आई घटना

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सोमवार को जब पुलिस कार्रवाई कर रही थी, तब छत पर मौजूद कुछ निहंगों ने पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए पत्थरबाजी की। इस दौरान एक निहंग तलवार लहराते हुए आगे बढ़ा, लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।

गुरुद्वारा प्रबंधन का आरोप, ऊपरी मंजिलों में की जा रही तोड़फोड़

गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के प्रबंधक बाबा बेअंत सिंह ने आरोप लगाया कि छत पर मौजूद निहंग लगातार तीसरी और चौथी मंजिल में तोड़फोड़ कर रहे हैं। उनके अनुसार दीवारों और अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचाया गया है तथा तोड़ी गई सामग्री का इस्तेमाल बचाव के साधन के रूप में किया जा रहा है।

डीएम और एसपी ने लिया मौके का जायजा

सोमवार को जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, एसडीएम ऊखीमठ अनिल रावत, एसडीएम रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी, पुलिस क्षेत्राधिकारी विकास पुंडीर और कोतवाली प्रभारी सुरेश बलूनी भी मौजूद रहे।

प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस, आईटीबीपी और अन्य एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं।

क्यों बढ़ा नगरासू गुरुद्वारा विवाद?

नगरासू गुरुद्वारे में विवाद की शुरुआत गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी और निहंगों के बीच हुए मतभेद से हुई। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनने पर मामला बढ़ गया।

गुरुद्वारा प्रबंधन के अनुसार, उनकी मांगें पूरी नहीं होने पर निहंग तीसरी और चौथी मंजिल पर चले गए और खुद को अंदर से बंद कर लिया। वहीं कुछ सेवादार और निहंग इस विवाद को कर्णप्रयाग में हुई एक घटना से जोड़ रहे हैं तथा अपने साथियों की रिहाई की मांग कर रहे हैं।

हालांकि पुलिस का स्पष्ट कहना है कि नगरासू विवाद का कर्णप्रयाग की घटना से कोई संबंध नहीं है।

स्थानीय लोगों से नहीं, गुरुद्वारा प्रबंधन से है विवाद

अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार यह विवाद स्थानीय लोगों और निहंगों के बीच नहीं, बल्कि गुरुद्वारा प्रबंधन और निहंगों के बीच का है।

स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि देर रात कुछ बाहरी लोग गुरुद्वारे के आसपास पहुंच रहे हैं, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो सकता है। उन्होंने ऐसे लोगों पर निगरानी रखने और हाल के दिनों में हुई पत्थरबाजी की घटनाओं में बाहरी तत्वों की भूमिका की जांच की मांग की है।

सुरक्षा घेराबंदी के बीच प्रभावित हुई श्रद्धालुओं की आवाजाही

राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित नगरासू गुरुद्वारे के आसपास यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहा है। हालांकि सुरक्षा कारणों से श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा घेरा बना रखा है। वहीं पिछले तीन दिनों से सीमित स्तर पर लंगर सेवा संचालित की जा रही है।

नगरासू स्थित दमदमा साहिब गुरुद्वारे में तीन दिन से जारी गतिरोध अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। प्रशासन, गुरुद्वारा प्रबंधन और वार्ता के लिए पहुंचे जत्थे के प्रयासों से शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीद बढ़ी है। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि छत पर मौजूद चार निहंग वार्ता के बाद नीचे आते हैं या नहीं।

 

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