मैदान से लेकर पहाड़ तक बढ़ा तापमान, 7 मार्च से फिर बदलेगा मौसम का मिजाज

देहरादून। उत्तराखंड में मार्च की शुरुआत के साथ ही चटक धूप ने गर्मी का अहसास बढ़ा दिया है। मैदान से लेकर पहाड़ी इलाकों तक तापमान में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। दिनभर तेज धूप खिलने के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक गर्मी महसूस की जा रही है।

मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश में 6 मार्च तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि 7 मार्च से पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदल सकता है, जिससे कुछ इलाकों में बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना जताई जा रही है।

तापमान में 6 से 7 डिग्री तक बढ़ोतरी

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार शुष्क मौसम के चलते प्रदेश के सामान्य तापमान में 6 से 7 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। यही कारण है कि मार्च की शुरुआत में ही गर्मी के तेवर देखने को मिल रहे हैं।

देहरादून में बीते रविवार को अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 6 डिग्री अधिक है। बीते दस वर्षों में मार्च की शुरुआत में इतना अधिक तापमान दर्ज होना बेहद कम देखने को मिला है।

10 साल में सबसे गर्म शुरुआत

आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले दस वर्षों में मार्च के शुरुआती दिनों में इतना तापमान शायद ही रिकॉर्ड हुआ हो। वर्ष 2021 में 26 मार्च को देहरादून का अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो अब तक का ऑलटाइम रिकॉर्ड माना जाता है।

जलवायु परिवर्तन का असर

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक तापमान में इस तरह की असामान्य बढ़ोतरी के पीछे जलवायु परिवर्तन और मौसम के बदलते पैटर्न प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा जनवरी और फरवरी में पर्याप्त बारिश न होने की वजह से भी तापमान तेजी से बढ़ रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मार्च की शुरुआत में जिस तरह से तापमान बढ़ रहा है, उससे अंदेशा है कि इस साल मार्च गर्मी के नए रिकॉर्ड बना सकता है।

बीते 10 साल में मार्च का अधिकतम तापमान (देहरादून)

साल दिनांक तापमान (°C)
2025 -26 26 मार्च 29.0
2024 29 मार्च 27.7
2023 21 मार्च 29.8
2022 28 मार्च 25.7
2021 26 मार्च 31.8
2020 13 मार्च 29.2
2019 22 मार्च 26.2
2018 23 मार्च 29.5
2017 28 मार्च 28.4
2016 20 मार्च 28.5

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!