देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर इन दिनों चर्चाओं का बाजार गर्म है। सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा था कि विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद ईंधन की कीमतों में ₹25 से ₹28 प्रति लीटर तक की भारी बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि अब केंद्र सरकार ने इन सभी अटकलों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है।
सरकार ने अफवाहों को बताया भ्रामक
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर बयान जारी कर कहा कि इस तरह की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं और आम जनता में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।
सरकार के अनुसार, “ईंधन कीमतों में अचानक भारी वृद्धि की खबरें निराधार हैं और इन पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए।”
कहां से शुरू हुआ पूरा विवाद?
दरअसल, यह मामला Kotak Institutional Equities की एक रिपोर्ट के बाद चर्चा में आया। इस रिपोर्ट में अनुमान जताया गया था कि चुनाव खत्म होने के बाद तेल कंपनियां अपने घाटे की भरपाई के लिए कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी कर सकती हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहती हैं, तो घरेलू स्तर पर ₹25-28 प्रति लीटर की बढ़ोतरी संभव है।
वैश्विक हालात का असर
सरकार ने माना कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जरूर देखने को मिल रहा है। खासतौर पर Strait of Hormuz में बढ़ते तनाव और Israel-Iran conflict की वजह से तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
इसके बावजूद सरकार का कहना है कि भारत ने इन वैश्विक चुनौतियों के बीच भी घरेलू बाजार को स्थिर बनाए रखने की पूरी कोशिश की है।
चार साल में कीमतें कैसे रहीं स्थिर?
सरकार के अनुसार, पिछले चार वर्षों में भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल रहा है जहां अंतरराष्ट्रीय बाजार में उथल-पुथल के बावजूद ईंधन की कीमतों को काफी हद तक नियंत्रित रखा गया है।
इसके लिए केंद्र सरकार ने पहले ही पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में करीब ₹10 प्रति लीटर तक की कटौती की थी, जिससे आम लोगों को राहत मिली।
देश में ईंधन की कोई कमी नहीं
सरकार ने यह भी साफ किया कि देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
साथ ही, महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए जरूरी पेट्रोकेमिकल सप्लाई बनाए रखने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।
क्या आपको डरने की जरूरत है?
फिलहाल सरकार के आधिकारिक बयान के बाद यह साफ हो गया है कि ₹25-28 प्रति लीटर बढ़ोतरी की खबरें सिर्फ अटकलें हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति को देखते हुए भविष्य में कीमतों में बदलाव से इनकार नहीं किया जा सकता।











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