दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: राजपाल यादव को 3 महीने की जेल, जुर्माना भी लगाया

 

नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शुक्रवार को अदालत ने उनकी 3 महीने की जेल की सजा बरकरार रखते हुए उन्हें दोबारा जेल भेजने का आदेश दिया। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान अभिनेता के व्यवहार को “संदिग्ध” बताते हुए कहा कि उन्होंने कई मौकों पर दिए गए आश्वासनों का पालन नहीं किया। अदालत ने उन पर जुर्माना भी लगाया।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला वर्ष 2010 का है। राजपाल यादव ने अपनी पहली निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, जिसके बाद वह समय पर कर्ज नहीं चुका सके। कंपनी को दिए गए कई चेक बाउंस हो गए और मामला अदालत तक पहुंच गया।

पहले भी हो चुकी है सजा

अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को चेक बाउंस मामले में दोषी ठहराते हुए 6 महीने की जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद 2019 में सेशन कोर्ट ने भी इस फैसले को बरकरार रखा। इसके खिलाफ अभिनेता ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर की थी।

हाई कोर्ट ने क्यों बरकरार रखी सजा?

जून 2024 में हाई कोर्ट ने राजपाल यादव को बकाया राशि चुकाने का अवसर देते हुए उनकी सजा पर अस्थायी रोक लगा दी थी। अदालत ने उम्मीद जताई थी कि वह ईमानदारी से भुगतान करेंगे, लेकिन कोर्ट के अनुसार अभिनेता बार-बार अपने वादे पूरे करने में विफल रहे।

कोर्ट ने कहा कि सुनवाई के दौरान राजपाल यादव की ओर से दिए गए बयानों में विरोधाभास देखने को मिला और उनके रवैये ने अदालत का भरोसा नहीं जीता। इसी आधार पर अदालत ने उनकी सजा बरकरार रखी।

समझौते की कोशिश भी रही बेनतीजा

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कई बार कोशिश की। शिकायतकर्ता कंपनी कथित तौर पर 6 करोड़ रुपये लेकर मामले का अंतिम निपटारा करने को तैयार थी। अदालत ने भुगतान के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी सुझाई, लेकिन दोनों पक्ष किसी सहमति पर नहीं पहुंच सके।

पहले मिली थी अंतरिम जमानत

इस मामले में राजपाल यादव ने 5 फरवरी 2026 को आत्मसमर्पण किया था और उन्हें तिहाड़ जेल भेजा गया था। बाद में अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने 1.5 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त पर अंतरिम जमानत दी थी, जिसके बाद 16 फरवरी 2026 को उन्हें रिहा किया गया था।

अदालत की टिप्पणी

अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि राजपाल यादव द्वारा दिए गए आश्वासन और बाद में पेश किए गए तर्कों में स्पष्ट अंतर दिखाई दिया। शिकायतकर्ता पक्ष का भी कहना था कि अभिनेता पहले अपनी जिम्मेदारी स्वीकार कर चुके हैं, इसलिए अब उससे पीछे नहीं हट सकते।

मुख्य बातें (Highlights)

  • दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव की 3 महीने की जेल की सजा बरकरार रखी।
  • मामला 2010 में लिए गए 5 करोड़ रुपये के कर्ज और चेक बाउंस से जुड़ा है।
  • कोर्ट ने अभिनेता के व्यवहार को संदिग्ध बताया।
  • समझौते की कई कोशिशों के बावजूद मामला नहीं सुलझ सका।
  • पहले अंतरिम जमानत मिलने के बाद अब दोबारा जेल भेजने का आदेश।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!