देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव एस. रामास्वामी के बेटे यशोवर्धन के खिलाफ देहरादून के राजपुर थाने में 15 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी और फर्जी पहचान बताकर ठगी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में अभी आरोपों की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शिकायतकर्ता ने लगाए ये आरोप
गढ़ी कैंट निवासी अंशुल उपाध्याय ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी मुलाकात मार्च 2026 में यशोवर्धन से हुई थी। शिकायत के अनुसार, यशोवर्धन ने स्वयं को केंद्र सरकार की गुप्त एजेंसियों तथा स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) से जुड़ा अधिकारी बताते हुए अपने प्रभाव का दावा किया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि यशोवर्धन ने उनकी दिवंगत मां के नाम पर ‘सुमन हेल्थ एंड ब्लेसिंग्स’, ‘हाउज द होस’ और ‘यूरेका फ्राग्स’ नाम से कंपनियां पंजीकृत कराने का प्रस्ताव दिया। साथ ही यह भरोसा दिलाया कि स्टार्टअप इंडिया योजना के तहत प्रत्येक कंपनी को 20 से 25 लाख रुपये तक की फंडिंग दिलाई जाएगी।
कंपनी रजिस्ट्रेशन और आईफोन दिलाने के नाम पर पैसे लेने का आरोप
तहरीर के अनुसार, आरोपी ने राजपुर रोड स्थित होटल जिंजर में बुलाकर कंपनी पंजीकरण के नाम पर प्रति कंपनी 36 हजार रुपये लिए। इसके अलावा कस्टम विभाग से कम कीमत पर आईफोन उपलब्ध कराने का झांसा देकर करीब दो लाख रुपये भी लिए।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि विभिन्न मदों में उनसे कुल 15 लाख रुपये लिए गए, लेकिन न तो फंडिंग दिलाई गई और न ही अन्य वादे पूरे किए गए।
पैसे मांगने पर संपर्क तोड़ने का आरोप
शिकायतकर्ता का कहना है कि जब उन्हें धोखाधड़ी का संदेह हुआ और उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, तो यशोवर्धन ने उनसे संपर्क समाप्त कर दिया तथा उनके मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर दिए।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
राजपुर थाना प्रभारी पीडी भट्ट ने बताया कि शिकायत के आधार पर यशोवर्धन के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी विवादों में आ चुका है नाम
यशोवर्धन का नाम इससे पहले भी कुछ विवादों में सामने आ चुका है। आरोप है कि एक पुराने लैपटॉप चोरी के मामले में उसने स्वयं को केंद्र की विशेष इंटेलिजेंस टीम का अधिकारी बताया था। इसके अलावा पूर्व विधायक प्रणव सिंह चैंपियन के बेटे से जुड़े एक विवाद में भी उस पर खुद को वरिष्ठ अधिकारी के रूप में प्रस्तुत करने के आरोप लगे थे।
हालांकि, इन पुराने मामलों को लेकर पुलिस की ओर से वर्तमान जांच के संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि मौजूदा मामले में सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।











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