नैनीताल: ज्योलीकोट और आसपास के क्षेत्रों में दूषित पेयजल आपूर्ति के मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में अधिकारियों की ओर से दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही की पुष्टि होने के बाद उत्तराखंड जल संस्थान हल्द्वानी के प्रभारी अधीक्षण अभियंता विशाल कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
निलंबन अवधि में विशाल कुमार को मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय, देहरादून से संबद्ध किया गया है। उनके स्थान पर नंद किशोर को अधीक्षण अभियंता का दायित्व सौंपा गया है।
शासन ने इसी मामले में लापरवाही बरतने पर उत्तराखंड जल संस्थान के सहायक अभियंता नैनीताल मोहन सिंह रावत, अपर सहायक अभियंता रविंद्र, कनिष्ठ अभियंता दीपांशु शर्मा और प्रभारी सहायक अभियंता संजय कुमार आर्या को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही पेयजल निर्माण शाखा, पेयजल निगम भीमताल के प्रभारी अधिशासी अभियंता शशिपाल सिंह पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई है।
वहीं, जल संस्थान नैनीताल के अधिशासी अभियंता अनीश एम. पिल्लई को भविष्य में इस तरह की लापरवाही न बरतने के लिए कठोर चेतावनी जारी की गई है।
ज्योलीकोट और आसपास के क्षेत्रों में दूषित पेयजल की आपूर्ति के बाद बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ गए थे। दूषित पानी के सेवन से दो लोगों की मौत होने और 400 से अधिक लोगों के पीलिया व डायरिया की चपेट में आने की बात सामने आई थी। बीमार लोगों में कई का उपचार हल्द्वानी के बेस अस्पताल और सुशीला तिवारी अस्पताल में कराया गया, जबकि कुछ मरीजों ने निजी अस्पतालों में भी उपचार कराया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया था। बताया गया कि अधिकारियों की ओर से शासन को दिए गए जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। इसके बाद शासन ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ निलंबन समेत अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
ज्योलीकोट में दूषित पेयजल की घटना के बाद स्वास्थ्य और पेयजल व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे थे। अब शासन की कार्रवाई के बाद संबंधित विभागों की जवाबदेही तय करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।













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