कोविड के बाद फिर खुला कारोबार का रास्ता, चीन पहुंचा भारतीय व्यापारियों का तीसरा दल

धारचूला/पिथौरागढ़: कोविड-19 महामारी के बाद प्रभावित हुआ भारत-चीन सीमा व्यापार अब दोबारा पटरी पर लौटता दिखाई दे रहा है। धारचूला के रास्ते व्यापारिक गतिविधियां फिर शुरू होने के बाद भारतीय व्यापारियों की चीन के तकलाकोट मंडी तक आवाजाही जारी है। सोमवार को भारतीय व्यापारियों का तीसरा कारोबारी दल चीन पहुंचा।

तीसरे बैच में 6 व्यापारी और 4 हेल्पर समेत कुल 10 लोग शामिल हैं। यह दल अपने साथ करीब 23 लाख 63 हजार रुपये मूल्य का व्यापारिक सामान लेकर चीन गया है। इससे पहले व्यापार के लिए चीन पहुंचे दो अन्य बैच भी तकलाकोट मंडी में कारोबार कर चुके हैं।

इस व्यापारिक सीजन में अब तक तीन दल चीन की तकलाकोट मंडी पहुंच चुके हैं। पहले बैच में 20 व्यापारी, जबकि दूसरे बैच में 16 व्यापारी चीन गए थे। दूसरे दल के कारोबारियों ने करीब 19 लाख रुपये मूल्य का सामान चीन ले जाकर व्यापार किया था। तीसरे दल में 6 व्यापारियों के साथ 4 हेल्पर शामिल हैं। इस तरह शुरुआती तीन बैचों में कुल 42 व्यापारी चीन पहुंच चुके हैं और हेल्परों को मिलाकर चीन जाने वाले लोगों की संख्या 46 हो गई है।

इस बीच, पूर्ववर्ती बैचों में व्यापार के लिए चीन गए 9 व्यापारी भारत लौट चुके हैं। वापसी के दौरान उनके साथ लाई गई व्यापारिक सामग्री का कस्टम विभाग द्वारा नियमानुसार क्लीयरेंस और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।

उपजिलाधिकारी धारचूला एवं व्यापार अधिकारी आशीष जोशी के मुताबिक सीमा व्यापार को सुचारू और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों के बीच लगातार समन्वय किया जा रहा है। आगामी कारोबारी दलों को भी जल्द चीन भेजने के लिए चीन के संबंधित प्रशासन के साथ लगातार वार्ता और समन्वय जारी है।

धारचूला से लिपुलेख दर्रे के रास्ते संचालित होने वाला यह पारंपरिक भारत-तिब्बत व्यापार सीमांत क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों से भी जुड़ा है। तकलाकोट मंडी लंबे समय से सीमांत क्षेत्र के कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र रही है। व्यापारिक गतिविधियों के दोबारा शुरू होने से स्थानीय कारोबारियों और व्यापार से जुड़े लोगों को आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।

भारत से चीन की ओर प्रमुख रूप से गुड़, मिश्री, सूखे मेवे, तांबे और स्टील के बर्तन तथा सौंदर्य प्रसाधन जैसी वस्तुएं भेजी जाती हैं। वहीं चीन के तिब्बत क्षेत्र से भारत आने वाली प्रमुख वस्तुओं में ऊन, ऊनी वस्त्र, पश्मीना, याक के बाल, रेशम, तिब्बती जूते और अन्य परिधान शामिल हैं।

प्रशासन के अनुसार इस व्यापारिक सीजन में अब तक 68 व्यापारियों को व्यापार के लिए पास जारी किए गए हैं। आगामी व्यापारिक दलों को चीन भेजने की प्रक्रिया भी जारी है।

 

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