कराटे के चैंपियन हर्ष व्यास की ग्लासगो उड़ान, कॉमनवेल्थ में भारत के लिए उतरेंगे मैट पर

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (SGRRU) के कराटे खिलाड़ी हर्ष व्यास अब स्कॉटलैंड के ग्लासगो में होने वाली कॉमनवेल्थ कराटे प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर चुके हर्ष ग्लासगो के मैट पर अपनी तकनीक, स्पीड, फिटनेस और फाइटिंग स्किल्स का प्रदर्शन करेंगे।

प्रतियोगिता से पहले हर्ष व्यास ने शुक्रवार को श्री दरबार साहिब में माथा टेका और दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज के पूजनीय श्रीमहंत एवं श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसिडेंट श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने हर्ष को आगामी प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

हर्ष व्यास वर्ष 2024 में दक्षिण अफ्रीका के डर्बन में आयोजित कॉमनवेल्थ प्रतियोगिता के सीनियर कुमिते वर्ग में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। इस उपलब्धि के बाद उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की विभिन्न कराटे प्रतियोगिताओं में लगातार प्रतिभाग किया और कई पदक अपने नाम किए हैं।

अब हर्ष का लक्ष्य स्कॉटलैंड के ग्लासगो में होने वाली आगामी कॉमनवेल्थ प्रतियोगिता में भारत के लिए बेहतर प्रदर्शन करना है। इस प्रतियोगिता में 34 देशों के खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता के लिए हर्ष लंबे समय से नियमित ट्रेनिंग, फिटनेस अभ्यास, तकनीकी तैयारी और मैच प्रैक्टिस पर फोकस कर रहे हैं।

देहरादून निवासी हर्ष व्यास ने कहा कि खेल में सफलता किसी एक दिन की मेहनत का परिणाम नहीं होती। खिलाड़ी को मुकाबले के दौरान अपनी रणनीति, टाइमिंग और तकनीक पर लगातार ध्यान देना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हार और जीत खेल का हिस्सा हैं, लेकिन प्रत्येक मुकाबला खिलाड़ी को सीखने और खुद को बेहतर बनाने का अवसर देता है।

हर्ष ने बताया कि वह मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। उनके पिता व्यवसाय करते हैं, जबकि माता गृहिणी हैं और छोटा भाई अध्ययनरत है। उन्होंने कहा कि परिवार का लगातार सहयोग और प्रोत्साहन उन्हें खेल के मैदान में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करता है।

हर्ष व्यास का कहना है कि उनका सपना अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक जीतना है। फिलहाल उनका पूरा ध्यान ग्लासगो में होने वाली कॉमनवेल्थ प्रतियोगिता पर है, जहां वह देश और उत्तराखंड का नाम रोशन करने के लक्ष्य के साथ उतरेंगे।

 

 

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