हादसों वाले मौहब्बेवाला ब्लैक स्पॉट पर अब सख्ती, टास्क फोर्स करेगी 24×7 निगरानी

देहरादून: दिल्ली-देहरादून हाईवे पर मौहब्बेवाला क्षेत्र में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। शनिवार को धर्मपुर विधायक विनोद चमोली और जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मौहब्बेवाला ब्लैक स्पॉट का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान दुर्घटनाओं के कारणों की समीक्षा करने के साथ ही हादसों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान विधायक और जिलाधिकारी ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ मौके पर ही ब्लैक स्पॉट पर होने वाली दुर्घटनाओं के कारणों और उनके स्थायी समाधान को लेकर चर्चा की गई। अधिकारियों के अनुसार, इस क्षेत्र में दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में ओवरस्पीडिंग और ओवरलोडिंग सामने आए हैं।

हादसे रोकने के लिए टास्क फोर्स होगी सक्रिय

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने दुर्घटना संभावित क्षेत्र में प्रभावी निगरानी और कार्रवाई के लिए अधिकारियों की टास्क फोर्स तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टास्क फोर्स की तैनाती आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत की जाएगी और जब तक दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित नहीं हो जाता, तब तक टीम सक्रिय रूप से काम करेगी।

पुलिस और परिवहन विभाग को मौहब्बेवाला ब्लैक स्पॉट पर 24×7 पेट्रोलिंग और सघन चेकिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से भारी और लोडिंग वाहनों की ओवरलोडिंग की जांच करने के साथ ही ओवरस्पीडिंग पर भी प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया है।

ब्लैक स्पॉट से पहले बनेगा चेक पोस्ट

जिलाधिकारी ने दुर्घटना स्थल से पहले चेक पोस्ट स्थापित कर वाहनों की सघन जांच करने के निर्देश दिए। भारी वाहनों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक यातायात प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने को कहा गया है।

इसके अलावा यातायात को व्यवस्थित करने के लिए राउंडअबाउट सहित अन्य जरूरी ट्रैफिक मैनेजमेंट उपायों पर भी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बड़े और भारी वाहनों को निर्धारित मार्ग से सुरक्षित तरीके से निकाला जा सके।

सड़क की डिजाइन और विजिबिलिटी की होगी तकनीकी जांच

मौहब्बेवाला ब्लैक स्पॉट का तकनीकी परीक्षण भी दोबारा कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने एनएच और एनएचआई के वरिष्ठ अधिकारियों को सड़क की डिजाइन, मोड़, ढलान, विजिबिलिटी और यातायात दबाव समेत अन्य तकनीकी पहलुओं का दोबारा परीक्षण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों से मिले सुझावों को भी तकनीकी कार्ययोजना में शामिल किया जाए, ताकि क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुरूप दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी समाधान तैयार किया जा सके।

CCTV, स्पीड ब्रेकर और साइनेज पर जोर

सड़क सुरक्षा के लिए ब्लैक स्पॉट पर पर्याप्त चेतावनी संकेतक और साइनेज लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरे, स्पीड ब्रेकर और स्पीड मॉनिटरिंग उपकरण लगाने की व्यवस्था करने को कहा गया है।

जिलाधिकारी ने पुलिस और परिवहन विभाग को नियमित प्रवर्तन कार्रवाई के साथ वाहन चालकों को ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग और यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के निर्देश भी दिए।

विधायक ने दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाने को कहा

धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने अधिकारियों को ब्लैक स्पॉट पर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के साथ-साथ दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए स्थानीय लोगों द्वारा दिए गए सुझावों को भी योजना में शामिल किया जाना चाहिए।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि सड़क सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। ब्लैक स्पॉट पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल उपायों के साथ स्थायी और तकनीकी समाधान भी सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम करेंगे।

निरीक्षण के दौरान एनएच, एनएचआई, लोक निर्माण विभाग, पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

 

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