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देहरादून की सड़कों पर अंधेरे का खुलासा! 806 स्ट्रीट लाइटें खराब, डीएम ने विभागों को लगाई फटकार

 

देहरादून में महिला सुरक्षा और सुरक्षित आवागमन पर प्रशासन का फोकस, 13 अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी; नगर निगम, एनएचएआई, एमडीडीए और स्मार्ट सिटी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश

देहरादून। राजधानी देहरादून में रात के समय सड़कों पर अंधेरा दूर करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत का अभियान तेज कर दिया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर शहर के प्रमुख मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कराया गया, जिसमें कुल 806 खराब स्ट्रीट लाइटें और 2 हाईमास्ट लाइटें चिह्नित की गई हैं। प्रशासन ने संबंधित विभागों और कार्यदायी एजेंसियों को प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

जिला प्रशासन का यह अभियान जन सुरक्षा, महिला सुरक्षा और रात्रि के समय सुरक्षित आवागमन को ध्यान में रखते हुए चलाया जा रहा है। इसके तहत प्रमुख सड़कों, चौराहों, बाजारों, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था की स्थिति का आकलन किया जा रहा है। जिन स्थानों पर पर्याप्त रोशनी नहीं है, उन्हें भी डार्क एरिया के रूप में चिह्नित कर आवश्यक सुधार किए जाएंगे।

जिलाधिकारी ने अभियान के प्रभावी संचालन के लिए 13 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई थी। अधिकारियों को निर्धारित मार्गों का निरीक्षण करने, खराब स्ट्रीट लाइटों की पहचान करने और मरम्मत की जरूरत वाले स्थानों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

सर्वे चौक-रायपुर और आईएसबीटी-प्रिंस चौक मार्ग पर सबसे ज्यादा खराब लाइटें

निरीक्षण के दौरान देहरादून के कई प्रमुख मार्गों पर बड़ी संख्या में स्ट्रीट लाइटें खराब मिलीं। मार्गवार स्थिति इस प्रकार है:

  • रिस्पना पुल से आईएसबीटी: 28 खराब स्ट्रीट लाइटें
  • बल्लूपुर चौक से आईएसबीटी: 26
  • घंटाघर से प्रेमनगर: 50
  • घंटाघर से मसूरी डायवर्जन: 45
  • सर्वे चौक से रायपुर: 105
  • सहस्रधारा क्रॉसिंग से पैसिफिक गोल्फ कोर्स: 83 स्ट्रीट लाइटें और 2 हाईमास्ट लाइटें
  • घंटाघर से निरंजनपुर मंडी: 31
  • घंटाघर से बुद्धा चौक होते हुए रिस्पना पुल: 65
  • क्रॉस रोड मॉल से पवारा चौक: 49
  • शिमला बाईपास से गोरखपुर चौक: 15
  • आईएसबीटी शिमला बाईपास से प्रिंस चौक: 132
  • राजपुर रोड से मोहकमपुर: 94
  • मसूरी डायवर्जन से सचिवालय: 81

रिपोर्ट के अनुसार, आईएसबीटी शिमला बाईपास से प्रिंस चौक मार्ग पर सबसे अधिक 132 खराब स्ट्रीट लाइटें चिह्नित की गईं। इसके बाद सर्वे चौक से रायपुर मार्ग पर 105 और राजपुर रोड से मोहकमपुर मार्ग पर 94 खराब स्ट्रीट लाइटें मिलीं।

नगर निगम, एनएचएआई और एमडीडीए को तत्काल मरम्मत के निर्देश

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने नगर निगम, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) और स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में आने वाली खराब स्ट्रीट लाइटों को जल्द दुरुस्त कराने के निर्देश दिए हैं।

संबंधित विभागों और एजेंसियों ने मरम्मत कार्य में तेजी लाने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों को अपने अधीनस्थ क्षेत्रों में काम की नियमित निगरानी करने और निर्धारित समयसीमा के भीतर मरम्मत पूरी कराने को कहा गया है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जन सुरक्षा से जुड़े इस अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्देशों का पालन नहीं होने पर संबंधित विभागों और एजेंसियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।

महिला सुरक्षा के लिए डार्क एरिया पर विशेष नजर

प्रशासन ने खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत के साथ उन स्थानों पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं, जहां पर्याप्त रोशनी उपलब्ध नहीं है। प्रमुख चौराहों, बाजारों, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और महिला सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में प्रकाश व्यवस्था का आकलन कर आवश्यक सुधार किए जाएंगे।

जिलाधिकारी के अनुसार, रात के समय सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त रोशनी होने से दुर्घटनाओं और अप्रिय घटनाओं की आशंका कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही महिलाओं सहित सभी नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।

प्रशासन ने अधिकारियों को भविष्य में भी नियमित निरीक्षण करने और खराब स्ट्रीट लाइटों की समयबद्ध मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि देहरादून के प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

 

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