
उत्तराखंड समेत पांच राज्यों के मुख्य सचिवों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र, चुनाव से जुड़े अधिकारियों की तैनाती में निष्पक्षता सुनिश्चित करने पर जोर
देहरादून। उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले चुनावी तैयारियों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता बढ़ने के संकेत मिलने लगे हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड समेत पांच राज्यों के मुख्य सचिवों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र भेजकर चुनाव प्रक्रिया से सीधे जुड़े अधिकारियों की तैनाती और स्थानांतरण को लेकर निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग की ओर से 27 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड के अलावा गोवा, मणिपुर, पंजाब और उत्तर प्रदेश के संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। इन राज्यों में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की तैनाती को लेकर आयोग ने अपनी नीति स्पष्ट की है।

28 मार्च 2027 को समाप्त होगा उत्तराखंड विधानसभा का कार्यकाल
निर्वाचन आयोग के पत्र में दिए गए विवरण के अनुसार, उत्तराखंड की वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 28 मार्च 2027 को समाप्त होगा। वहीं, गोवा विधानसभा का कार्यकाल 14 मार्च 2027, मणिपुर का 13 मार्च 2027, पंजाब का 16 मार्च 2027 और उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 को समाप्त होना निर्धारित है।
इन राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने चुनाव से संबंधित अधिकारियों की तैनाती और स्थानांतरण के लिए निर्धारित नियमों एवं मानकों के अनुपालन पर जोर दिया है।
गृह जिले में तैनात नहीं रह सकेंगे चुनाव से जुड़े अधिकारी
आयोग की नीति के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया से सीधे जुड़े अधिकारियों को उनके गृह जिले में तैनात नहीं किया जाना चाहिए। इसके साथ ही ऐसे अधिकारियों की लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती से बचने के मानकों का भी पालन किया जाना है।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई अधिकारी अपने गृह जिले में तैनात है, तो उसे वर्तमान राजस्व जिले में उसी पदस्थापना पर बने रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाए रखना है, ताकि अधिकारियों की तैनाती को लेकर किसी तरह के पक्षपात या चुनावी प्रभाव की आशंका न रहे।
उत्तराखंड में चुनावी तैयारियों के लिहाज से अहम निर्देश
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले निर्वाचन आयोग के इन निर्देशों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनाव प्रक्रिया से सीधे जुड़े अधिकारियों की तैनाती की समीक्षा और निर्धारित मानकों के अनुरूप स्थानांतरण की कार्रवाई आगामी प्रशासनिक तैयारियों का अहम हिस्सा हो सकती है।
हालांकि, उपलब्ध पत्र के पहले पृष्ठ में अधिकारियों के तबादलों की अंतिम समय-सीमा, स्थानांतरित किए जाने वाले अधिकारियों की संख्या या उत्तराखंड में प्रस्तावित तबादलों का विस्तृत कार्यक्रम नहीं दिया गया है। ऐसे में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि राज्य में कितने अधिकारियों का स्थानांतरण होगा और इसकी प्रक्रिया कब तक पूरी की जाएगी।
फिलहाल, निर्वाचन आयोग के इस पत्र से स्पष्ट है कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की तैनाती के निर्धारित मानकों के अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उत्तराखंड में भी इन निर्देशों के अनुरूप आगे प्रशासनिक कार्रवाई होने की संभावना है।












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